
राजकोट. आम आदमी पार्टी के नेता अरंिवद केजरीवाल ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें राजकोट जेल में बंद किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने गुजरात सरकार पर अंग्रेजों से भी ज्यादा ‘‘दमनकारी’’ होने का आरोप लगाया.
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने जेल में बंद किसानों से मिलने के लिए पहले से अनुमति मांगी थी. अक्टूबर में बोटाद जिले के हद्दाद गांव में विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में पुलिस ने 88 किसानों और आम आदमी पार्टी नेताओं को गिरफ्तार किया था. इनमें से 46 अभी भी सलाखों के पीछे हैं.
केजरीवाल ने पत्रकार वार्ता में कहा, ‘‘मुझे राजकोट जेल में किसानों और किसान नेताओं से मिलने नहीं दिया गया. इससे बड़ा कोई अत्याचार हो सकता है क्या? क्या मैं आतंकवादी या अपराधी हूं? जेल में बंद लोग किसान हैं. वे हमारे देश के नागरिक हैं. वे अपराधी नहीं हैं.’’ उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी भगत ंिसह के साथियों को भी जेल में उनसे मिलने से नहीं रोका गया था. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि (आजादी के बाद) एक ऐसी सरकार बनेगी जो अंग्रेजों से भी बदतर, ज्यादा क्रूर और दमनकारी होगी.’’ गुजरात के दौरे पर आए केजरीवाल ने दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने किसानों को 24 घंटे तक पेयजल और खाना नहीं दिया.
‘आप’ नेता ने कहा, ‘‘किसान परेशान हैं. उनके परिवारों ने मुझे बताया कि हिरासत में उनके साथ मारपीट की गई. क्या भाजपा उनका मनोबल तोड़ना चाहती है? ईश्वर से डरो. रावण और कंस भी बहुत अहंकारी हुआ करते थे. कल मैं (किसानों के) परिवारों से मिला. भाजपा के दबाव के बावजूद मुझसे मिलने आने के लिए मैं उन्हें सलाम करता हूं.’’ केजरीवाल ने गुजरात सरकार पर मादक पदार्थों की समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि यह समस्या राज्य में परिवारों को बर्बाद कर रही है.



