रूस की परमाणु सक्षम आरेश्निक मिसाइल सक्रिय सेवा में हुई शामिल: रुस

मास्को. रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसकी परमाणु सक्षम ओरेश्निक मिसाइल प्रणाली सक्रिय सेवा में शामिल हो गयी है. रूस-यूक्रन युद्ध को लेकर शांतिवार्ता में शामिल वार्ताकारों की लड़ाई को खत्म करने को लेकर की जा रही कोशिशों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है.

मंत्रालय ने बताया कि ये मिसाइलें पड़ोसी देश बेलारूस में तैनात की गयी हैं जहां सैनिकों ने इस अवसर पर एक संक्षिप्त समारोह आयोजित किया . हालांकि मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि कितनी मिसाइलें तैनात की गई हैं . उसने कोई अन्य विवरण भी नहीं दिया.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर के आरंभ में कहा था कि ओरेश्निक इस महीने युद्धक सेवा में शामिल हो जाएगी. उन्होंने यह बयान शीर्ष रूसी सैन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में दिया, जहां उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी शांति वार्ता में रूस की मांगों को अस्वीकार करते हैं, तो रुस यूक्रेन में अपनी बढ़त को और मजबूत करने की कोशिश करेगा.

यह घोषणा ऐसे समय पर की गयी जब रूस-यूक्रेन शांति वार्ता चल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फ्लोरिडा स्थित अपने रिसॉर्ट में ज.ेलेंस्की से वार्ता की और इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन और रूस शांति समझौते के सिलसिले में ‘पहले से कहीं अधिक करीब’ हैं. हालांकि, वार्ताकार अब भी कुछ प्रमुख मुद्दों पर सफलता की कोशिश में जुटे हैं, जिनमें यूक्रेन में किस देश की सेनाओं को कहां से पीछे हटना है और दुनिया के 10 सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक, रूस के कब्जे वाले ज.ापोरिज.यिा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थिति शामिल है. ट्रंप ने कहा कि महीनों से चल रही अमेरिका नीत वार्ता अब भी विफल हो सकती है.

पुतिन ने खुद को मजबूत स्थिति में पेश करने की कोशिश की है, जबकि यूक्रेनी सेनाएं विशाल रूसी सेना को रोकने के लिए संघर्ष कर रही हैं. मॉस्को ने ‘ओरेश्निक’ (जिसका रूसी में अर्थ ‘हेज.लनट पेड़’ होता है) को पहली बार नवंबर 2024 में यूक्रेन के खिलाफ इस्तेमाल किया था. उस समय इस प्रायोगिक हथियार से ड्निप्रो स्थित उस फैक्ट्ररी पर हमला किया गया था, जहां सोवियत संघ के दौर में मिसाइलें बनाई जाती थीं. मध्यम दूरी की ओरेश्निक मिसाइलें 500 से 5,500 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं. ऐसे हथियारों पर सोवियत काल की एक संधि के तहत प्रतिबंध था, जिससे 2019 में वॉशिंगटन और मॉस्को अलग हो गए.

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