‘बस्तर पंडुम’ 2026: अमित शाह बोले- स्कूल और अस्पताल जलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, नक्सलियों के पुनर्वास पर जोर

Author: navabharat digital
UPDATED: Mon, 09 Feb 2026 03:01 PM
‘बस्तर पंडुम’ 2026: अमित शाह बोले- स्कूल और अस्पताल जलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, नक्सलियों के पुनर्वास पर जोर
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जगदलपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सोमवार को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के समापन समारोह में भाग लेने पहुंचे। छत्तीसगढ़ में बस्तर पंडुम कार्यक्रम के समापन समारोह में अमित शाह ने कहा कि सरकार बस्तर की संस्कृति को आने वाले दशकों तक सुरक्षित रखना चाहती है।

अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी का लक्ष्य बस्तर की संस्कृति और विरासत को विश्व पटल तक पहुंचाना है, ताकि इसकी पहचान बंदूक और विस्फोटकों से नहीं बल्कि परंपरा से हो। शेष बचे कई नक्सलियों में युवा आदिवासी लड़कियां भी शामिल हैं, उनका पुनर्वास जरूरी है क्योंकि उनका पूरा जीवन आगे पड़ा है।

शाह ने की नक्सलियों से फिर आत्मसमर्पण की अपील
अमित शाह ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माओवादी पुनर्वास नीति सबसे आकर्षक है। जो लोग गोली चलाना, स्कूल और अस्पताल जलाना जारी रखेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, हिंसा का कड़ा जवाब मिलेगा। माओवाद ने समाज को कभी लाभ नहीं पहुंचाया, जहां भी रहा वहां विनाश ही हुआ, कोलंबिया, पेरू, कंबोडिया जैसे देशों में भी यही देखा गया।

उनके आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी मौजूद रहे।

‘बस्तर पण्डुम’ एक महत्वपूर्ण संभाग स्तरीय आयोजन है, जिसके समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति कार्यक्रम के महत्व को बढ़ाती है। इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की संस्कृति और विकास को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस अवसर पर क्षेत्रीय नेतृत्व की प्रतिबद्धता को दर्शाया। अधिकारियों की मौजूदगी ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम का प्रबंधन सुचारू रूप से हो।

जहां उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो बस्तर कभी नक्सल हिंसा का गढ़ माना जाता था, आज जनजातीय कला, संस्कृति और गौरव के उत्सव का केंद्र बन रहा है।
स्कूली बच्चों ने दी प्रस्तुत ‘ऐसा जादू है मेरे बस्तर में’
अमित शाह के बस्तर आगमन पर हजारों स्कूली बच्चों ने ‘ऐसा जादू है मेरे बस्तर में’ गीत पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर उनका स्वागत किया। यह गीत बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है और इसे हिंदी व हल्बी बोली में रचा गया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और सराहना संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम 2026’ के समापन समारोह में शामिल होने आए गृह मंत्री शाह के स्वागत में बच्चों ने यह मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी शानदार प्रस्तुति ने शाह को भी तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में बालिकाओं ने मलखंब का भी प्रदर्शन किया। शाह ने बच्चों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

गीत का सृजन और स्वरूप ‘ऐसा जादू है मेरे बस्तर में’ गीत को बस्तर के बादल अकादमी के कलाकारों ने अपनी आवाज और संगीत से सजाया है। वहीं, दायरा बैंड ने आधुनिक संगीत के साथ इसे एक नया रूप प्रदान किया है।

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