बम धमाकों से थर्राया पाकिस्तान: घायलों को अस्पताल ले जाते समय फिर हुआ रिमोट कंट्रोल से विस्फोट, सात की मौत

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में शनिवार को हुए दो सिलसिलेवार विस्फोटों ने एक बार फिर देश में बढ़ते आतंकवाद की गंभीर तस्वीर सामने रख दी। आतंकियों ने पहले एक यात्री वाहन को निशाना बनाया। इसके बाद जब घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब दूसरा विस्फोट कर दिया गया। इन दोनों हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने इसे रिमोट कंट्रोल से किए गए आतंकी हमले करार दिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

पहला धमाका कैसे हुआ और कितने लोग मारे गए?

पुलिस के अनुसार पहला विस्फोट बन्नू जिले के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। एक निजी डैटसन वाहन यात्रियों को लेकर डोमेल की ओर जा रहा था, तभी उसे रिमोट कंट्रोल बम से निशाना बनाया गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि वाहन पूरी तरह तबाह हो गया। इस विस्फोट में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल भी हुए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।

दूसरा विस्फोट कब और कहां हुआ?
पहले हमले में घायल हुए लोगों को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी लगभग एक किलोमीटर दूर दूसरा विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह हमला भी एक वाहन को निशाना बनाकर किया गया। दूसरे धमाके में दो लोगों की मौत हो गई और वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया। लगातार दो विस्फोट होने से इलाके में दहशत फैल गई। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि हमलावरों ने बचाव कार्य को भी निशाना बनाने की योजना बनाई थी।

बचाव और सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की?
घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू 1122 की टीमों को मौके पर भेजा गया। मृतकों के शव और घायलों को डोमेल ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र तथा खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों को आशंका थी कि इलाके में और भी विस्फोटक उपकरण हो सकते हैं। इसी कारण पूरे क्षेत्र की गहन जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे जिम्मेदार तत्वों की पहचान करने में जुटी हैं।

पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं ने क्या कहा?
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमले की कड़ी निंदा की और निर्दोष नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकियों को समर्थन, शरण और आर्थिक मदद देने वाले तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है। वहीं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी घटना की निंदा करते हुए मृतकों के लिए शोक व्यक्त किया। नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना कायराना और शर्मनाक कृत्य है।

बन्नू जिला पिछले कई महीनों से आतंकी घटनाओं का केंद्र बना हुआ है। हाल के दिनों में यहां पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर कई हमले हुए हैं। पिछले सप्ताह आतंकियों ने एक पुल को विस्फोट से उड़ाने की कोशिश की थी। जून महीने में दो पुलिसकर्मी अलग-अलग हमलों में मारे गए थे। इससे पहले सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में कई लोग मारे गए थे। लगातार बढ़ती हिंसा के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। हाल ही में आयोजित एक जिरगा में भी सरकार से क्षेत्र में आतंकवाद के पूरी तरह सफाए की मांग की गई थी।

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