हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई मार्ग बंद

शिमला: शिमला, मनाली और धर्मशाला सहित हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ गया, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और कई मार्गों को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। गर्मी के कारण बंद हुए सरकारी और निजी स्कूल फिर से खुल गए, लेकिन भारी बारिश के कारण स्कूलों में उपस्थिति कम रही।

प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के बावजूद राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। स्थानीय मौसम विभाग ने चार जुलाई को छोड़कर दो से छह जुलाई के बीच कुछ जगहों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर ‘आॅरेंज अलर्ट’ जारी किया है। कई नदियों और उनकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ गया। ऊना जिले में स्वां नदी के उफान पर थी, जिसके कारण अधिकारियों ने लोगों को नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया अभियान केंद्र के अनुसार मंडी में 28 मार्गों को बंदर कर दिया गया, कुल्लू में 12 और लाहौल एवं स्पीति तथा ऊना जिलों में दो-दो मार्गों को बंद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार शाम से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई थी।

उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में सबसे अधिक 102.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, इसके बाद घमरूर (95.2 मिलीमीटर), गुलेर (87.2 मिलीमीटर), पालमपुर (74.4 मिलीमीटर), सलोनी (68.2 मिलीमीटर), जोंिगदरनगर (48 मिलीमीटर), काहू (44.5 मिलीमीटर), देहरा गोपीपुर (38.3 मिलीमीटर), बेरथिन (37.4 मिलीमीटर) और सुजानपुर टीरा (36 मिलीमीटर) में बारिश हुई। शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे शहरों में भी जोरदार बारिश हुई। कुफरी, पालमपुर, कांगड़ा, सुंदरनगर, जुब्बरहट्टी और भुंतर में आंधी-तूफान आने और बिजली गिरने की सूचना मिलीं।

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