मफलर, हॉकी से लेकर चंद्रयान तक…, ऑकलैंड में पीएम मोदी के संबोधन की क्या रहीं बड़ी बातें

ऑकलैंड : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को न्यूजीलैंड पहुंचे। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच के संबंधों, साझा मूल्यों  और मजबूत भविष्य की आपसी प्रतिबद्धता पर बात की। इस दौरान पीएम मोदी भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते पर भी बात की। साथ ही उन्होंने चंद्रयान, हॉकी, रग्बी आदि पर भी बात की। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के संबोधन की कौन-कौन सी बड़ी बातें रहीं।

ये भी पढ़ें-  टीवी एक्टर रोहित चंदेल गिरफ्तार, नाबालिग से छेड़छाड़ और परेशान करने के गंभीर आरोप; जानें मामला

पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  • पीएम मोदी ने अपने गले में पहने मफलर को जिक्र करते हुए कहा, ‘ये मफलर उन्हें 25-30 साल पहले न्यूजीलैंड के एक साथी ने दिया था। मैंने इतने वर्षों में कई बार इसका उपयोग किया और आज भी इसे बहुत संभालकर रखा है। जैसे आपके प्यार को संभालकर रखता हूं।’
  • ‘मुझे इस यात्रा की सफलता पर पूरा भरोसा है। यह मोदी की वजह से नहीं, बल्कि आप सभी की वजह से संभव है। न्यूजीलैंड में रह रहा भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।’
  • ‘प्रधानमंत्री लक्सन भारतीय समुदाय के बीच सुपरहिट हैं और एक तरह से लोगों के दिलों की धड़कन बन चुके हैं। भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लक्सन और विपक्ष के नेता हिपकिंस का ‘मस्त कलंदर’ गीत पर डांस सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।’
  • पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते केवल कूटनीतिक संबंध नहीं, बल्कि साझा यादों, दोस्ती, मूल्यों और आपसी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।’
  • ‘भारत न्यूजीलैंड के संबंधों को न्यूजीलैंड की एक खूबसूरत परंपरा ‘वाका’से बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। अब भारत-न्यूजीलैंड की ‘वाका’ एक नई यात्रा के लिए तैयार है।’
  • ‘न्यूजीलैंड ऐसा देश है, जहां भारतीय मूल के लोगों को अपनी प्रतिभा के दम पर सर्वोच्च स्थान हासिल करने का अवसर मिलता है। यहां निखिल रविशंकर, आनंद सत्यानंद, रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल ने अपनी अलग पहचान बनाई।’
  • ‘न्यूजीलैंड में कई सड़कों और स्थानों के नाम भारत की खंडाला, बॉम्बे हिल्स, कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट और अमृतसर स्ट्रीट जैसी जगहों पर रखे गए हैं। ये दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रतीक हैं।’

ये भी पढ़ें-  बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी: निलंबित कर्मचारी की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, 16 जुलाई को सुनवाई

मेजर ध्यानचंद का किया जिक्र

  • ‘इस वर्ष भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। एक सदी पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड आई थी। उस समय मेजर ध्यानचंद के शानदार खेल की पूरे देश में चर्चा हुई थी। उनकी अद्भुत प्रतिभा ने न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था।’
  • ‘हाल ही में भुवनेश्वर में न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम हुआ। ये दोनों देशों के खेल सहयोग की शानदार शुरुआत है।  भारत और न्यूजीलैंड स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।’

चंद्रयान मिशन का किया जिक्र

  • ‘भारत के चंद्रयान ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी, तब पूरे न्यूजीलैंड ने भी उस उपलब्धि का जश्न मनाया था। इस सफलता में न्यूजीलैंड की तकनीक का भी योगदान रहा। वहां की एक अंतरिक्ष कंपनी ने भारत के साथ कई परियोजनाओं में सहयोग किया है।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button