
कर्नाटक: उडुपी स्थित श्री कृष्ण मठ ने हरि-कथा कार्यक्रम के दौरान आदिगुरु शंकराचार्य के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने की घटना को लेकर मंगलवार को गहरा खेद व्यक्त किया और कहा कि आयोजकों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया गया है।
मठ की ओर से जारी एक सार्वजनिक बयान में पर्याय श्री शिरूर मठ के दीवान (प्रशासक) एम. उदय कुमार ने कहा कि आयोजकों ने केवल भरतनाट्यम प्रस्तुति और हरिवाना सेवा कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति ली थी, लेकिन इसके बजाय उन्होंने ”भक्त प्रह्लाद” नाम से हरि-कथा का आयोजन किया और इसी दौरान ये कथित टिप्पणियां की गईं।
बयान में कहा गया, ”इस कार्यक्रम के दौरान श्री जगद्गुरु शंकराचार्य के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जो हमारे संज्ञान में आई हैं।” मठ ने बताया कि अंकित नाइक और गौरी पांडुरंगी ने 11 जुलाई को एक घंटे का भरतनाट्यम कार्यक्रम और एक घंटे का हरिवाना सेवा कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति ली थी। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इसके बजाय “भक्त प्रह्लाद” नाम से हरि-कथा कार्यक्रम आयोजित किया।
बयान में कहा गया, ”इस संबंध में अंकित नाइक और गौरी पांडुरंगी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया गया था। इसके अनुसार पांडुरंगी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से माफी मांगी है।” मठ ने कहा, ”मठ इस दुर्भाग्यपूर्ण और अवांछित घटना पर गहरा खेद व्यक्त करता है।”



