
इंदौर: इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की वारदात में आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करवाने के लिए मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते अब सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
विपिन रघुवंशी ने कहा कि जब से सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर आई है, उसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में पत्नियों द्वारा अपने पतियों की हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि यह केवल हत्या नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच विश्वास की भी हत्या है।
विपिन ने कहा कि शादी के बाद पति-पत्नी एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, लेकिन सोनम ने जिस तरह अपने पति की हत्या की, उसने उस विश्वास को तोड़ दिया। उनका यह भी कहना है कि इसके बाद कई अन्य महिलाओं द्वारा भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। यदि सोनम को कड़ी सजा नहीं मिली, तो आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं जारी रह सकती हैं।
‘छोटा भाई समझकर माफ कर दें’
वहीं, विपिन रघुवंशी ने सोनम रघुवंशी के वकील से भी माफी मांगी है। गौरतलब है कि इससे पहले विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सोनम को नेपाल भागने में उसके वकील का भी हाथ था। अब उन्होंने अपने उस बयान पर खेद जताते हुए वकील से माफी मांगी और कहा कि उन्हें छोटा भाई समझकर माफ कर दें। फिलहाल, राजा रघुवंशी के परिजनों को अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
क्या था राजा रघुवंशी हत्याकांड?
यह मामला तब सामने आया जब 12 मई 2025 को शादी के बाद राजा रघुवंशी और सोनम 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान लापता हो गए। दोनों को आखिरी बार एक होमस्टे से चेकआउट करते हुए देखा गया था। कुछ दिन बाद उनकी किराये की स्कूटी सोहरारिम के पास लावारिस हालत में मिली। इसके बाद 2 जून को लापता होने के करीब 10 दिन बाद राजा रघुवंशी का शव ईस्ट खासी हिल्स जिले में वीसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ।
वहीं, 8 जून तक लापता रही सोनम रघुवंशी वाराणसी-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर एक ढाबे के पास मिली। बाद में मेघालय पुलिस ने कहा कि सोनम और 21 वर्षीय राज कुशवाहा को राजा रघुवंशी की हत्या के मुख्य आरोपियों में माना जा रहा है। राज्य पुलिस इस मामले में 700 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा ने हत्या की साजिश रची थी।



