
चेन्नई: कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर ने शुक्रवार को पीएमके प्रमुख अंबुमणि रामदास पर कावेरी जल विवाद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को घसीटने का आरोप लगाते हुए उनकी आलोचना की। टैगोर ने कहा कि राज्यों के बीच के इस मुद्दे को सुलझाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बुनियादी कर्तव्य और ज़म्मिेदारी है।
लोकसभा सदस्य टैगोर ने एक बयान में अंबुमणि के हालिया बयान का जवाब दिया। अंबुमणि ने राहुल गांधी को उनकी एक अगस्त की चेन्नई यात्रा से पहले कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध करने की चुनौती दी थी। टैगोर ने दावा किया,” अंबुमणि ने घोषणा की थी कि अगर राहुल गांधी जलाशय के निर्माण का विरोध करते हैं, तो पीएमके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर निकलने के लिए तैयार रहेगी।”
अंबुमणि के बयान को गैर-जरूरी और राजनीति से प्रेरित बताते हुए, टैगोर ने कहा कि पानी छोड़ने के आदेश को लागू करने की पूरी ज़म्मिेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने कहा, ”इस साल कम बारिश की वजह से तमिलनाडु को कावेरी का तय हिस्सा नहीं मिल पाया है।” उन्होंने बताया कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक रोज़ाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया है।
टैगोर ने कहा कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करना और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री मोदी का कर्तव्य है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ‘तमिलनाडु के लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री इस कर्तव्य को निभाने में विफल हो रहे हैं।”
टैगोर ने कहा कि चूंकि अंबुमणि रामदास सत्तारूढ़ राजग सदस्य एवं राज्यसभा सदस्य हैं तथा उनकी प्रधानमंत्री तक सीधी पहुंच है, इसलिए विपक्ष के नेता को निशाना बनाने के बजाय उन्हें प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय जलशक्ति मंच से मिलना चाहिए तथा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर तमिलनाडु के लिए इंसाफ एवं पानी सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने अंबुमणि से अपील की कि वह ‘ओछी राजनीति’ करने के जाय केंद्र के समक्ष एकजुट मोर्चा पेश करने के लिए तमिलनाडु के सभी राजनीतिक दलों के साथ हाथ मिलाएं।



