
असम: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का बुधवार को दौरा किया और कहा कि तबाही का पैमाना इतना व्यापक है कि हालात को सामान्य होने में समय लगेगा। नड्डा ने असम-नगालैंड सीमा पर स्थित नेपालीखुटी इलाके का मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ दौरा किया। यह इलाका 19 जुलाई को आई बाढ़ की हालिया लहर से सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।
नड्डा ने प्रभावित परिवारों से बातचीत के बाद पत्रकारों से कहा, ”मैंने बाढ़ प्रभावित नेपालीखुटी इलाके का दौरा किया। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा भी मेरे साथ थे। हमने तबाही का मंजर देखा। नुकसान इतना बड़ा है कि हालात को सामान्य होने में समय लगेगा।” उन्होंने प्रभावित लोगों को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा, ”मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि भारत सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। चाहे वह आर्थिक मदद हो, पुनर्वास हो, मुआवजा हो या संपत्ति के नुकसान के लिए सहायता, सब कुछ मुहैया कराया जाएगा।” नड्डा का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पूर्वोत्तर राज्य भीषण बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है। बाढ़ जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढकर 89 हो गई है, जबकि पांच जिलों में 1.22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और रात भर हुई बारिश के बाद फिर से बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है।
नड्डा ने शर्मा के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया क्योंकि बाढ़ आने के 18 दिन बाद भी सड़कों पर कीचड़ और गाद की मोटी परतें जमा हैं और इसी कारण सामान्य वाहनों का उस मार्ग से गुजर पाना संभव नहीं था। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”नगालैंड के मोन जिले से बहकर आने वाली नदी ने एक के बाद एक कई गांवों को तबाह कर दिया है। इससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए भेजा था और उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ बाढ़ के असर पर विस्तार से चर्चा की है।
नड्डा ने कहा, ”हम आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए शाम को समीक्षा बैठक करेंगे। प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री शर्मा ने हरसंभव कोशिश की है और बड़े पैमाने पर राहत कार्य जारी हैं।” उन्होंने कहा कि जहां असम सरकार इस संकट से निपटने के लिए अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है, वहीं केंद्र सरकार भी हरसंभव मदद देगी।



