
जबलपुर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को यहां स्थित ‘व्हीकल फैक्टरी जबलपुर’ (वीएफजे) में टी-सीरीज के युद्धक टैंक की मरम्मत के लिए 472 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना की आधारशिला रखी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित सुविधा में हर साल ‘टी-72’ और ‘टी-90’ के 80 टैंक की मरम्मत व रखरखाव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना को हर साल ऐसे करीब 230 टैंक की मरम्मत की आवश्यकता होती है। अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई के अवाडी स्थित हेवी व्हीकल्स फैक्टरी में फिलहाल हर साल करीब 150 टैंक की मरम्मत की जाती है। उन्होंने कहा कि जबलपुर की 57 साल पुरानी वीएफजे में बनने वाली नई सुविधा इस कमी को पूरा करेगी।
वीएफजे, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड और रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित एक प्रमुख सैन्य वाहन विनिर्माण इकाई है। अधिकारियों ने बताया कि 1969 में स्थापित इस फैक्टरी में शुरूआत में जर्मनी की एम.ए.एन. के सहयोग से ‘शक्तिमान 3टी’ वाहन तथा जापान की निसान मोटर्स कंपनी के सहयोग से ‘निसान 1टी’ और जोंगा वाहनों का उत्पादन किया जाता था। उन्होंने बताया कि फैक्टरी परिसर 330 एकड़ में फैला है, जबकि इससे लगा एस्टेट 600 एकड़ में है।



