पीएम मोदी से मिले जिनपिंग-पुतिन, तीन बार किरकिरी के बाद शरीफ ने किसका हाथ थामा?

किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुलाकात की। 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए विश्व नेताओं के साथ पीएम मोदी ने ग्रुप फोटो में हिस्सा लिया। इसके बाद दोनों ही नेताओं ने साथ में चहलकदमी करते हुए एक-दूसरे का हालचाल लिया। दिलचस्प बात ये रही कि इस दौरान ग्रुप फोटो का हिस्सा रहे पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी वहां हाथ बांधे खड़े थे।

न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि तमाम वैश्विक नेता तस्वीर खिंचाने के लिए एक साथ खड़े हुए। इसके बाद जब सभी लोग बाहर जाने लगे तो इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई। वहीं, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की ओर उन्होंने ध्यान तक नहीं दिया।

ग्रुप फोटो के दौरान शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाईं ओर तीसरे स्थान पर खड़े थे। जैसे ही ग्रुप फोटो हुआ और सभी राष्ट्र प्रमुख मंच से उतरे। प्रधानमंत्री मोदी और जिनपिंग का आमना-सामना हुआ। दोनों बातचीत करते हुए हॉल से बाहर की ओर जाने लगे। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ देखते रहे।

शहबाज शरीफ की कैसे हुई किरकिरी?
पहली किरकिरी: ग्रुप फोटो से पहले का एक वीडियो सामने आया। यह वीडियो दर्शाता है कि जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी को देखकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रुक गए। दोनों ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी दिखाई दी। इसके बाद पुतिन और जिनपिंग मंच पर अपने-अपने तय स्थान पर जाकर खड़े हो गए। तस्वीर लिए जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी से ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी हाथ मिलाया। दोनों के बीच संक्षिप्त बात हुई। ग्रुप फोटो से पहले शहबाज शरीफ पीछे ही रहे। वे पुतिन के ठीक पास जाकर खड़े हो गए, लेकिन पुतिन ने न तो उनकी तरफ देखा, न उनसे हाथ मिलाया।

दूसरी किरकिरी: ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। यहां एक बार फिर उनकी किरकिरी हुई। प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनिपिंग के साथ बातचीत करते हुए वहां से बाहर की ओर चले गए।

तीसरी किरकिरी: शरीफ की तीसरी बार किरकिरी तब हुई, जब बाकी किसी भी नेता ने शरीफ से बात नहीं की। यही नहीं, शरीफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ठीक बाईं तरफ खड़े थे, लेकिन पुतिन ग्रुप फोटो के बाद मंच से उतरे और सीधे बाहर की ओर जाने लगे। उन्होंने फिर शरीफ की तरफ नहीं देखा। बड़े नेताओं के सामने अपनी अनदेखी और किरकिरी होते देख शरीफ पीछे की ओर से तेजी से आए और पुतिन का दाहिना हाथ थाम लिया। इसके बाद पुतिन मुड़े और फिर उनकी शरीफ से बात हुई।

पीएम मोदी और पुतिन की एक दिन पहले हुई थी मुलाकात
एससीओ सम्मेलन से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा प्रमुख रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को खत्म करने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की जरूरत पर जोर दिया था।

गलवान के बाद भारत-चीन संबंधों में आया तनाव
भारत और चीन के रिश्तों में वर्ष 2020 के बाद से तनाव बना हुआ है। जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना के बाद सीमा पर सैन्य तनाव बढ़ गया और द्विपक्षीय संबंधों पर भी इसका असर पड़ा। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत की है। हालांकि, सीमा विवाद भारत-चीन संबंधों में अब भी एक अहम मुद्दा बना हुआ है।

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