
शाजापुर. मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के एक गांव में करीब 50 बच्चों से भरी एक स्कूल बस उफनते नाले को पार करते वक्त अचानक बीच में रूक गई, जिससे करीब सवा घंटे तक उसमें सवार बच्चों की की जान जोखिम में पड़ी रही. इस मामले में रविवार को स्कूल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैक्टर और रस्सियों के सहारे बस को खींचकर नाले से बाहर निकाला, और इसमें सवार सभी बच्चों एवं चालक की जान बचा ली और एक बड़ा हादसा होने से टल गया. यह घटना शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम तिलावद गोविन्द में उस सक्त हुई, जब एक निजी स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे स्कूल की बस से अपने घर जा रहे थे.
शाजापुर की सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) शैली कनाश ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने लापरवाही पूर्वक वाहन का संचालन कर बच्चों का जीवन संकट में डालने के लिए रविवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. उन्होंने बताया कि स्कूल संचालक को लापरवाही पूर्वक वाहन का संचालन कर बच्चों के जीवन को संकट में डालने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वार नोटिस जारी कर पूछा गया है कि क्यों न इस स्कूल की मान्यता निरस्त की जाये.
कनाश ने बताया कि इसके अलावा, जिला परिवहन अधिकारी ने इस बस चालक भागीरथ ंिसह का ड्राइंिवग लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है. उन्होंने कहा कि बस चालक भागीरथ ने बच्चों के मना करने के बाद भी असुरक्षित तरीके से पानी में उतारा, जिससे बस का इंजन बंद हो गया और बस में पानी भरने लगा, जिसके कारण वाहन में सवार स्कूली बच्चों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया. अधिकरी ने बताया कि यह कृत्य अत्यंत ही लापरवाही का द्योतक है तथा इस घटना में बस में सवार बच्चों की जान जा सकती थी.



