नये-नये तरीकों से छात्रों को पढ़ाने वाले 46 शिक्षक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

नयी दिल्ली. बच्चों के पढ़ाने के लिए नए -नए तरीके खोजने वाले 46 शिक्षकों को इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया है. इन शिक्षकों के पढ़ाई के तरीकों में गणित रंगोली बनाकर आकृतियों के बारे में बताना, रोल नंबर के बजाय तत्वों की आवर्त सारणी का इस्तेमाल करना, फर्श पर लगी टाइलों के जरिए बीजगणित समझाना आदि शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में कंपोजिट स्कूल सहावा के शिक्षक खुर्शीद अहमद को शिक्षाशास्त्र में सरल नवाचारों का उपयोग करने के लिए पुरस्कार से नवाजा गया है, जिनमें छात्रों के रोल नंबर के रूप में तत्वों की आवर्त सारणी का उपयोग करना शामिल है, ताकि उनके लिए इन सारणियों को याद रखना आसान हो सके.

अहमद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैंने सीमित संसाधनों का इस्तेमाल कर विज्ञान के मॉडल जैसे हृदय, मानव संचार प्रणाली आदि को बनाया और छात्रों से वर्णलेखन जैसे प्रयोग करवाए.’’ तेलंगाना में एक जिला परिषद स्कूल के शिक्षक कंडाला रमैया ने गणित रंगोली बनाकर आकृतियों के बारे में बताने, फर्श पर लगी टाइलों के जरिए बीजगणित समझाने और दीवार पर बनी चित्रकारी के जरिए गणित की अवधारणाओं के बारे में पढ़ाने की शुरुआत की.

नगालैंड के जीएमएस आॅफिसर्स हिल में, 80 प्रतिशत छात्र घरेलू सहायिका हैं. ये छात्राएं पढ़ाई न छोड़ें इसके लिए मुख्य शिक्षिका मिमी योशी स्कूल खत्म होने के बाद उनके लिए अलग से कक्षाएं संचालित करती हैं. उन्होंने स्कूल के लिए कुछ आय अर्जित करने के लिए कुछ उपाय लागू किये हैं, जिनमें ‘बायो नॉन-डिग्रेडेबल’ प्लास्टिक कचरे से टोकरी और चटाई बनाना, पुराने कपड़ों से ‘पॉट होल्डर’, पायदान आदि बनाना और उन्हें बेचना शामिल है.

गोवा में सरकारी स्कूल की ंिप्रसिपल मारिया मुरेना मिरांडा ने समुदाय की मदद से अपने ग्रामीण आदिवासी स्कूल के बुनियादी ढांचे को सफलतापूर्वक पुर्निर्निमत, अपग्रेड किया और बच्चों के अनुकूल बनाया. मिरांडा को पुरस्कार के साथ मिले प्रशस्ति पत्र में लिखा हुआ है, ‘‘उनके प्रयासों के कारण, उनके स्कूल में पढ़ाई छोड़ने की दर में गिरावट आई है.

उन्होंने घर-घर जाकर, अतिरिक्त कक्षाएं लेकर, मुफ्त नोटबुक व वर्दी प्रदान करके लड़कियों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित किया और आदिवासी छात्रों का समर्थन करने के लिए कड़ी मेहनत की है.’’ इसके अलावा जिन शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उनमें लद्दाख के राजकीय माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक मोहम्मद जाबिर, मध्य प्रदेश के सालेगढ़ राजकीय प्राथमिक विद्यालय के एकमात्र शिक्षक नीरज सक्सेना, मणिपुर के ईस्टर्न हाई स्कूल के शिक्षक एन. गौतम सिंह, मुंबई के चत्रबुज नर्सी मेमोरियल स्कूल की शिक्षिका कविता सांघवी शामिल हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्कूली शिक्षा में अद्वितीय योगदान के लिए 46 शिक्षकों को सोमवार को राष्ट्रीय पुरस्कार 2022 प्रदान किया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button