उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया : दक्षिण कोरिया

सोल. उत्तर कोरिया ने रविवार को अपने पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया. दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए एक अमेरिकी विमानवाहक पोत के सोल पहुंचने के बीच प्योंगयांग ने यह कदम उठाया.
अमेरिका और दक्षिण कोरिया एशियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से बढ़ते खतरे के मद्देनजर संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं.

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ आॅफ स्टाफ जनरल किम सियुंग-क्युम ने बताया कि उत्तर कोरिया द्वारा पश्चिमी शहर ताइकॉन से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल ने खुले आसमान में 60 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई पर 600 किलोमीटर की दूरी तक उड़ान भरी.
दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण की कड़ी ंिनदा करते हुए इसे ‘‘गंभीर उकसावे वाला कदम’’ करार दिया और कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों का उल्लंघन करता है तथा क्षेत्र व व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ‘‘शांति और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाता है.’’

वहीं, अमेरिका ंिहद-प्रशांत कमान ने कहा कि मिसाइल प्रक्षेपण ने ‘‘अमेरिकी र्किमयों या क्षेत्र या हमारे सहयोगियों के लिए तत्काल खतरा’’ पैदा नहीं किया है, लेकिन इसने उत्तर कोरिया के अवैध परमाणु हथियारों और मिसाइल कार्यक्रम के हानिकारक प्रभाव को उजागर किया है.

उत्तर कोरिया ने इस साल अपनी मिसाइल परीक्षण गतिविधियां तेज कर दी हैं. वर्ष 2022 में वह अब तक 30 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है, जिसमें 2017 के बाद पहली बार एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण भी शामिल है. यह मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय किया गया है, जब अमेरिका का परमाणु चालित विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन और उसका एक लड़ाकू दस्ता संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए दक्षिण कोरिया पहुंचा है.

इस बीच, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने एक बयान जारी कर कहा कि हालांकि, परीक्षण से तत्काल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन तोक्यो उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण के बारे में जानकारी जुटाने और जहाजों व विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ‘‘पूरी कोशिश’’ कर रहा है.

उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से बढ़ते खतरे का मुद्दा अगले हफ्ते सोल की यात्रा पर जा रहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की द्विपक्षीय मुलाकातों का मुख्य एजेंडा भी हो सकता है. हैरिस तोक्यो में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री ंिशजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद दक्षिण कोरिया रवाना होंगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button