
नयी दिल्ली. जाने-माने लेखक अमीष की बहुर्चिचत पुस्तक ‘राम चंद्र’ श्रृंखला की चौथी किताब ‘वार ऑफ लंका’ का सोमवार को विमोचन किया गया. प्रकाशक हार्परकोंिलस इंडिया ने यह जानकारी दी. बहुप्रतीक्षित पुस्तक पहली तीन पुस्तकों – ‘राम: साइअन ऑफ इक्ष्वाकु’, ‘सीता: साइअन ऑफ मिथिला’, और ‘रावण: एनमी ऑफ आर्यावर्त’ के समानांतर बहु-रेखीय कथनों को एक ही कथा में मिलाती है.
लेखक ने कहा, ‘‘राम चंद्र श्रृंखला के पाठकों के लिए चौथी किताब लाकर मुझे खुशी हो रही है. राम चंद्र श्रृंखला की पहली तीन किताबें बहुरेखीय कथा में थीं जिसमें मुख्य किरदारों (भगवान राम, देवी सीता, रावण) के जन्म से लेकर देवी सीता के हरण से उनकी मृत्यु तक की कहानी है.’’ अमीष ने एक बयान में कहा, ‘‘इसलिए ये तीनों किताबें एक ही जगह खत्म होती हैं जहां रावण ने मिथिला की राजकुमारी का हरण किया था. चौथी किताब ‘वार ऑफ लंका’ सीता हरण से लेकर रावण की मृत्यु तक की कहानी कहती है.’’ उन्होंने कहा कि पहली तीन किताबों में छोड़े गए सूत्रों और रहस्यों का इस किताब में खुलासा होगा.



