
आणंद/अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में कांग्रेस के ‘खामोशी से’ चुनाव प्रचार करने के प्रति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को सोमवार को आगाह किया और कहा कि विपक्षी पार्टी की साजिश का मुकाबला करने के लिए सत्तारूढ़ दल (भाजपा) को अपनी चुनाव रणनीति में आंशिक बदलाव करना होगा.
अपने गृह राज्य का तीन दिवसीय दौरा कर रहे मोदी ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने गुजरात में इस बार अपनी रणनीति बदल ली है, जहां अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. उन्होंने आणंद जिले के वल्लभ विद्यानगर में भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं आपको आगाह करना चाहता हूं कि क्योंकि मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि इस बार कांग्रेस ने एक नयी रणनीति अपनाई है. मैंने जांच नहीं की है, लेकिन सरसरी तौर पर मुझे ऐसा लगता है.’’
मोदी ने कहा कि पूर्ववर्ती विधानसभा चुनावों में कांग्रेस काफी शोर-शराबा किया करती थी और भाजपा का सफाया करने की शेखी बघारती थी. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन 20 वर्षों में हम नहीं हारे, इसलिए उसने कुछ नया किया है. इसी कारण हमें सतर्क रहने की जरूरत है.’’ वह गुजरात के 13 वर्षों तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस खुलकर कुछ नहीं कह रही है, लेकिन गांवों में जाकर और अपने लाभ के लिए दूसरों को प्रभावित करने की अपनी पुरानी तरकीब अपना रही है. उन्होंने कहा, ‘‘वे (कांग्रेस के नेता) खबरों में नहीं दिख रहे हैं, ना ही संवाददाता सम्मेलन कर रहे हैं, ना भाषण दे रहे हैं. इसलिए भ्रमित नहीं हों. यह (कांग्रेस) बोल नहीं रही है, लेकिन यह गांवों में पहुंच रही है, बैठक कर रही है.’’
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और मुख्य विपक्षी दल की इस नयी रणनीति का मुकाबला करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘‘इस तथ्य के आधार पर उसका आकलन नहीं करें कि उसने जन सभाएं, संवाददाता सम्मेलन नहीं किए हैं, या बयान नहीं दिए हैं…आपको आगामी चुनावों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है.’’ मोदी ने गुजरात की अपनी यात्रा के दूसरे दिन एक रैली में कहा, ‘‘इसने (कांग्रेस ने) गांवों में जहर फैलाने के लिए, अलग तरह से चीजों की व्याख्या कर लोगों को कहने की एक नयी रणनीति अपनाई है.’’
उन्होंने आगामी चुनावों के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं से मतदाताओं से संपर्क करने और घर-घर जाकर प्रचार करने को कहा. उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह बखूबी समझना होगा और हमारी रणनीति में कुछ पहलू जोड़ने होंगे. मैं आश्वस्त हूं कि सी आर पाटिल (पार्टी की गुजरात इकाई के प्रमुख) के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता किसी भी संकट से निपट सकते हैं. हमें घर-घर (मतदाताओं के) जाकर कांग्रेस की साजिश को परास्त करना होगा.’’
शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने वाले समाज ही सफल होंगे : प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अहमदाबाद के पास एक शैक्षिक परिसर का उद्घाटन किया और कहा कि वे समाज ही सफल होंगे, जो शिक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं. यह शैक्षिक परिसर जरूरतमंद छात्रों को समग्र विकास के लिए सुविधाएं मुहैया कराएगा. छरोडी के पास मोदी शैक्षणिक संकुल की स्थापना मोढ वणिक मोदी समाज द्वारा की गई है.
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं जोर देना चाहता हूं कि शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने वाले समाज ही सफल होंगे. युवाओं के लिए शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करना सफलता के मुख्य तरीकों में एक है.’’ उन्होंने कहा, “हालांकि हमारे (जाति) लोगों को देर हो चुकी है, लेकिन हम सही रास्ते पर हैं.” मोदी रविवार से गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं.
मोदी ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि अधिक संख्या में युवा चिकित्सा, इंजीनियंिरग और ऐसे अन्य विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. साथ ही, मैं कौशल विकास के महत्व पर भी जोर देना चाहता हूं. भविष्य में, अगर किसी छात्र के पास कोई डिग्री नहीं है, लेकिन कुछ कौशल है तो वह पर्याप्त होगा. अगर कोई बच्चा पढ़ना नहीं चाहता तो हमें उसे कुछ कौशल सिखाना चाहिए.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऐसी जाति के लिए अच्छी उपलब्धि है, जिसकी संख्या कम है और जिसके सदस्य ज्यादातर मध्यम वर्ग के हैं. मोदी ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उनकी जाति के सदस्य किसी भी प्रकार के कार्य के लिए उनके पास नहीं आए, जबकि उनके बीच का व्यक्ति गुजरात में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा और दूसरी बार प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया.
प्रधानमंत्री ने कहा, “और, मेरा परिवार भी मुझसे दूर रहा है. इसलिए मैं वास्तव में भाग्यशाली हूं और अपने समाज को धन्यवाद देना चाहता हूं.” उस समय, प्रधानमंत्री के बड़े भाई सोमाभाई मोदी मंच पर मौजूद थे और वह अपनी जाति के नेताओं में से एक हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को महेसाना जिले के मोढेरा में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि गुजरात की जनता उनकी जाति और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखे बिना उन्हें पिछले दो दशक से आशीर्वाद देती आ रही है और उन पर भरोसा जताया है.



