बैंकॉक. सैन्य शासित म्यांमा की एक अदालत ने अपदस्थ नेता आंग सान सू ची को भ्रष्टाचार के दो और मामलों में दोषी ठहराया है. इन दोनों मामलों में उन्हें तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है. ये सजÞाए साथ-साथ चलेंगी. सू ची को अन्य मामलों में 23 साल की सजÞा पहले ही सुनाई जा चुकी है तो अब उन्हें जेल में कुल 26 साल बिताने होंगे.
गौरतलब है कि एक फरवरी 2021 को म्यांमा की सेना ने देश में तख्तापलट दिया था और सत्ता की बागडोर अपने हाथों में ले ली थी. सेना ने सू ची (77) तथा म्यांमा के कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया था. सू ची पर आरोप था कि उन्होंने कई साल पहले मादक पदार्थों की तस्करी के लिए दोषी ठहराए गए माउंग वीक से 5,50,000 डॉलर रिश्वत ली थी. हालांकि, उन्होंने इस मामले में अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है.
नोबेल शांति पुरस्कार से 1991 में सम्मानित की गई सू ची के खिलाफ सैन्य शासन ने ज्यादातर भ्रष्टाचार के ही आरोप लगाए हैं. उनपर भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत 12 आरोप लगाए गए हैं. सू ची को अवैध रूप से वॉकी-टॉकी आयात करने एवं रखने, कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने, राजद्रोह और भ्रष्टाचार के कई मामलों में पहले ही 23 साल की सजा सुनाई जा चुकी है. दोनों नए मामलों में सुनाई गई सजा साथ-साथ चलेगी. ऐसे में सू ची को अब कुल 26 साल जेल में बिताने होंगे.
समर्थकों व स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और सू ची को अगले चुनाव में हिस्सा लेने से रोकने के लिए बदनाम करने व सेना के अवैध रूप से सत्ता पर काबिज होने को सही ठहराने के लिए ऐसा किया जा रहा है. सू ची को लगातार अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराए जाने से उनकी ‘नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी’ का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है. सेना ने देश में 2023 में नए सिरे से चुनाव कराने की घोषणा की है. सू ची की पार्टी ने पिछले आम चुनाव में भारी जीत हासिल की थी, लेकिन सेना का कहना है कि चुनाव में व्यापक पैमाने पर धांधली हुई थी.
सू ची के वकीलों को भी उनके हवाले से या उनके मुकदमों के संबंध में सार्वजनिक तौर पर बात रखने से प्रतिबंधित किया गया है.
बुधवार को फैसला सुनाए गए मामले में, सूची पर आरोप है कि उन्होंने माउंग वीक से 2019-2020 में 550,000 अमेरिकी डॉलर लिए हैं.
वीक निर्माण के कामकाज से जुड़ा है और उसके सेना की पिछली सरकार में उच्च सैन्य अधिकारियों के साथ करीबी रिश्ते थे. उसे 2008 में मादक पदार्थ की तस्करी के जुर्म में 15 साल जेल की सजÞा सुनाई गई थी लेकिन 2014 में उसे रिहा कर दिया गया था.
सू ची की सरकार में वीक को कई अहम विकास परियोजनाओं का ठेका मिला. सेना के 2021 में सत्ता अपने हाथ में लेने के बाद उससे कथित रूप से दो हफ्ते तक पूछताछ की गई और मार्च 2021 में सेना के नियंत्रित वाले सरकारी टीवी ने एक वीडियो प्रसारित की जिसमें वह दावा कर रहा था कि उसने सरकार के मंत्रियों को अपने कारोबार में मदद के लिए रिश्वत दी. सू ची के खिलाफ अब भी कई मामले चल रहे हैं. वह देश के पूर्व राष्ट्रपति विन ंिमट के साथ भ्रष्टाचार के पांच मामलों में मुकदमों का सामना कर रही हैं.