विकृत व्यक्ति ने मानव बलि के लिए दंपती के अतार्किक डर का दोहन किया: एर्णाकुलम पुलिस प्रमुख

कोच्चि.  एर्णाकुलम के पुलिस आयुक्त सी नागराजू ने बुधवार को कहा कि पथनमथिट्टा के एलानथूर में दो महिलाओं की कथित ‘बलि’ के मामले का मुख्य आरोपी मोहम्मद शफी एक विकृत व्यक्ति है. उन्होंने कहा कि शफी एक हिस्ट्री शीटर है और उसने आरोपी दंपति के अतार्किक भय का दोहन करते हुए स्वांग रचा कि मानव बलि से उनकी वित्तीय परेशानियां दूर हो जाएंगी.

नागराजू ने कहा कि कोच्चि के समीप एलाकुलम से पद्मा नामक एक महिला की गुमशुदगी की जांच के दौरान यह भयावाह अपराध सामने आया. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि शुरू में तो शफी पुलिस के साथ सहयोग करने में अनिच्छुक था लेकिन जब उसका आमना-सामना आरोपी दंपती के बयान समेत सबूतों से कराया गया तब उसकी हिम्मत टूट गयी.

पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘ हमारे पास जो चीज थी, वह एक महिला के शफी के साथ कार में सवार होने का सीसीटीवी दृश्य था. एक पुलिस दल ने वैज्ञानिक तरीका अपनाया तथा एलानथूर में घर तक जाने का उनका पता लगाया, दंपती से पूछताछ की एवं समूची घटना से पर्दा हट गया.’’ उन्होंने कहा कि शफी के विरूद्ध चोरी, बलात्कार समेत कई अपराधों के मामले दर्ज हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 15 सालों में उसके विरूद्ध कम से कम 10 मामले दर्ज किये गये. बलात्कार के एक मामले में 75 साल की एक महिला के साथ बलात्कार किया गया तथा उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चाकू से वार किया गया. एलानथूर के इन मामले में दो पीड़ितों के गुप्तांगों पर इसी तरीके से घाव किया गया. ’’

आयुक्त ने कहा, ‘‘मूल रूप से वह विकृत व्यक्ति एवं परपीड़क है…. उसे दूसरों को चोट पहुंचाने, घायल करने एवं उनकी जान लेने में खुशी मिलती है. वह कुछ भी कहानी गढकर किसी को भी फंसा लेगा…..’’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि तीनों ही आरोपी इन दोनों हत्याओं में सीधे सीधे शामिल रहे हैं लेकिन आरोपी दंपती का अपराध का कोई इतिहास नहीं रहा है. तीनों को आज सत्र न्यायालय में पेश किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस ने कहा कि वह आगे की पूछताछ के लिए उनकी 14 दिनों की हिरासत मांगेगी. मंगलवार को तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

मानव बलि का मामला: केरल पुलिस ने तीनों आरोपियों की हिरासत की मांग की

केरल में ‘मानव बलि’ के तीन आरोपियों को बुधवार सुबह यहां अदालत में पेश किया गया और पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए 10 दिनों के लिए उनकी हिरासत की मांग की. आरोपियों–भागवल ंिसह, उसकी पत्नी लैला और मोहम्मद शफी को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें आज अदालत में पेश किया गया.

मानव बलि के संदिग्ध मामले में ंिसह और लैला के जीवन में आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर महिलाओं की बलि दी गयी थी. पुलिस ने अदालत से विस्तृत पूछताछ के लिए आरोपियों की 10 दिन की हिरासत की मांग की.
मीडिया की खबरों के अनुसार, आरोपियों की ओर से अदालत में अधिवक्ता बी. ए. अलूर पेश हुए जिन्हें कई सनसनीखेज मामलों में आरोपियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है.

अलूर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमें समझना होगा कि सच्चाई क्या है… मैंने आरोपियों से जुड़े कुछ व्यक्तियों के साथ चर्चा के बाद यह मामला अपने हाथ में लिया है. वैसे तो शुरू में मुझसे बस दंपत्ति के वास्ते पैरवी के लिए संपर्क किया गया था लेकिन बाद में मुझसे तीसरे व्यक्ति (आरोपी) के लिए पेश होने के लिए भी कहा गया . इसलिए मैं सभी तीनों की पैरवी करूंगा.’’ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी आर. निशानथिनी ने मंगलवार रात कहा था कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि अपराध आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि प्राप्त करने के लिए किया गया.

आरोपियों के हवाले से अधकिारी ने कहा कि मोहम्मद शफी ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से इस दंपत्ति से संपर्क किया था तथा वह ही इन बेसहारा महिलाओं को लालच देकर ंिसह के घर पर लाया था. उनके अनुसार संदेह है कि इन दो बेसहारा महिलाओं की कथित रूप से ‘बलि’ दे दी गयी जो लॉटरी टिकट बेचकर अपना गुजर बसर करती थीं.

पुलिस के अनुसार पथनमथिट्टा के एलानथूर में दंपित के घर में खुदाई करने पर इन महिलाओं के शव के टुकड़े मिले थे. पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं इस साल क्रमश: सितंबर और जून से लापता थीं. उनकी तलाश में जुटी पुलिस को तफ्तीश के दौरान घटना के कथित तौर पर मानव बलि से जुड़े होने की जानकारी मिली थी.

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