कांग्रेस विधायकों व मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करें विधानसभा अध्यक्ष : भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 18 Oct 2022 07:30 PM
कांग्रेस विधायकों व मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करें विधानसभा अध्यक्ष : भाजपा
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जयपुर. राजस्थान में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को राज्य विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी से अनुरोध किया वह मंत्रियों व कांग्रेस विधायकों द्वारा पिछले दिनों दिए गए इस्तीफे स्वीकार कर लें. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज जोशी को उनके आवास पर एक ज्ञापन सौंपा. कटारिया ने कहा कि अगर इस्तीफे स्वीकार नहीं किए जाते हैं तो कांग्रेस विधायकों को उन्हें वापस ले लेना चाहिए और राज्य के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

कटारिया ने अपने ज्ञापन में कहा कि 25 सितंबर को संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर बैठक करने के बाद मंत्रियों सहित 91 कांग्रेस विधायकों ने स्वेच्छा से अपने अलग-अलग लिखे इस्तीफे दिए थे. उन्होंने कहा कि उक्त बैठक, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की उस बैठक के समानांतर आयोजित की गई थी, जिसे पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा कांग्रेस में अंदरूनी कलह और राजनीतिक संकट के कारण एक नए मुख्यमंत्री का चयन करने के निर्देश पर बुलाया गया था.

उन्होंने कहा कि करीब तीन सप्ताह बीत चुके हैं और 91 विधायकों के त्यागपत्र पर फैसला विधानसभा अध्यक्ष के पास विचाराधीन है.
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा विधायक दल आपसे (जोशी) अनुरोध करता है कि स्वेच्छा से दिए गए विधायकों के त्याग पत्र स्वीकार करें या विधायक आपके सामने पेश होकर इस्तीफा वापस ले लें और राज्य के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.’’ प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, भाजपा के सचेतक जोगेश्वर गर्ग और अन्य विधायक शामिल थे.

राजस्थान के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं का विधानसभा अध्यक्ष से मिलना किसी नाटक से कम नहीं है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चार साल में न तो वसुंधरा राजे दिखाई दीं और न ही भाजपा के अन्य नेता. पिछले चार साल में विपक्ष अपनी भूमिका निभाने में विफल रही है. अब वे विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर नाटक कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि भाजपा उन गुटों में बंटी हुई है जहां दोनों गुट राज्य में अपनी सक्रियता दिखाने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और एकजुट होकर विधानसभा जाएगी.

उल्लेखनीय है कि 25 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बुलाई गई थी. इसे कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव से पहले राज्य मुख्यमंत्री को बदलने की कवायद के रूप में देखा गया क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था.

हालांकि, सीएलपी की बैठक नहीं हो सकी क्योंकि गहलोत के वफादार विधायकों नेसंसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के आवास पर समानांतर बैठक की और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के किसी भी संभावित कदम के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

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