कीव/मॉस्को. यूक्रेन में मंगलवार को हुए रूसी हवाई हमलों से लाखों लोगों को बिजली और पानी की आपूर्ति ठप पड़ गई. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इन हमलों को देश को अंधेरे में धकेलने और शांति वार्ता की संभावनाओं को नामुमकिन बनाने के इरादे से विस्तारित रूसी सैन्य अभियान का हिस्सा करार दिया.
जेलेंस्की ने ट्वीट किया, ‘‘बीते एक हफ्ते में यूक्रेन के लगभग एक-तिहाई विद्युत केंद्रों को नष्ट किया जा चुका है, जिससे देशभर में बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई है. पुतिन के शासन के साथ सुलह-समझौते की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है.’’ सर्दी की शुरुआत के साथ लोगों को बिजली और पानी से वंचित करना तथा लक्ष्यों को सटीक तौर पर भेदने वाले आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाना पुतिन की नयी युद्ध रणनीति के रूप में सामने आया है.
हवाई हमलों का मकसद उस जज्बे को तोड़ना प्रतीत होता है, जो यूक्रेन के लोगों ने बीते आठ महीनों में रूस के आक्रमण के दौरान दिखाया है. रूसी मिसाइलें और रॉकेट न सिर्फ यूक्रेन के अग्रिम मोर्चों, बल्कि अन्य इलाकों में भी अहम प्रतिष्ठानों को निशाना बना रही हैं और कई बार इतनी तेज गति से नुकसान पहुंचा रही हैं कि मरम्मत करना मुश्किल हो जा रहा है.
जाइतोमीर रूसी हमलों के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति गंवाने वाला यूक्रेन का ताजा शहर है. कीव से लगभग 140 किलोमीटर पश्चिम में स्थित जाइतोमीर में कई बड़े सैन्य अड्डे, उद्योग और हरित क्षेत्र मौजूद हैं. इस शहर की आबादी ढाई लाख के आसपास है.
क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, एक ऊर्जा केंद्र पर मंगलवार को हुए दोहरे मिसाइल हमले के बाद जाइतोमीर के अस्पताल ‘पावर बैकअप’ का इस्तेमाल करने को मजबूर हो गए.
अधिकारियों ने बताया कि राजधानी कीव में रूसी मिसाइलों ने दो विद्युत केंद्रों को नष्ट कर दिया और दो लोगों की जान ले ली. विद्युत केंद्रों के संचालकों ने बताया कि रूसी हमले से 50 हजार लोगों को बिजली की आपूर्ति ठप पड़ गई है. रूसी मिसाइलों ने दक्षिण-मध्य शहर निप्रो में भी विद्युत केंद्रों को नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा, रूस के आत्मघाती ड्रोन विमानों ने झापोरिझिया क्षेत्र में कई बुनियादी ढांचों को आग के हवाले कर दिया. दक्षिणी शहर माइकोलेव पर हमले के लिए रूस ने एस-300 वायु रक्षा मिसाइल का इस्तेमाल किया.
रूसी युद्धक विमान आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त, 14 लोगों की मौत
रूस का एक युद्धक विमान इंजन में खराबी के कारण येस्क शहर में एक आवासीय इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे कम से कम 14 लोगों की जान चली गई. इनमें से तीन लोगों की मौत एक इमारत से कूदने की वजह से हुई है. विमान के गिरने से नौ मंजिला इमारत में आग लग गई थी, जिससे बचने के लिए तीनों इमारत की ऊपरी मंजिल से कूद गए थे.
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रशिक्षण अभियान के दौरान उड़ान भरते समय युद्धक विमान एसयू-34 के एक इंजन में आग लग गई और वह बंदरगाह शहर येस्क में गिर गया. विमान में सवार चालक दल के दोनों सदस्य सुरक्षित उससे बाहर आ गए, लेकिन विमान आवासीय इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और टक्कर के बाद लगी आग विमान में भरे ईंधन की वजह से तेजी से भड़की. एसयू-34 सेंसर व हथियारों से लैस एक सुपरसोनिक दो इंजन वाला विमान है, जो रूसी वायु सेना का एक अहम हिस्सा है.
कई घंटे तक इमारत के मलबे को खंगालने के बाद अधिकारियों ने बताया कि तीन बच्चों सहित 14 स्थानीय लोगों की हादसे में मौत हो गई. अन्य 19 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. समाचार एजेंसी ‘आरआईए-नोवोस्ती’ के अनुसार, क्षेत्र की उप-गवर्नर एना मेनकोवा ने बताया कि मारे गए लोगों से तीन की मौत उस इमारत से कूदने के कारण हो गई, जिसमें आग लग गई थी.
अधिकारियों ने बताया कि 500 से अधिक स्थानीय लोगों को घटनास्थल से हटाकर अस्थायी आवास केंद्रों में पहुंचाया गया है.
क्रेमलिन के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को घटना की जानकारी दी गई और स्थानीय गवर्नर के साथ स्वास्थ्य व आपात स्थिति के मंत्रियों को मौके पर भेजा गया है. येस्क की आबादी करीब 90 हजार है. यहां रूस का एक बड़ा सैन्य हवाई अड्डा है.