संयुक्त राष्ट्र/वाशिंगटन. चीन ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी शाहिद महमूद को वैश्विक आतंकवादियों की सूची में डाले जाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत और अमेरिका के प्रस्ताव में अडंगा लगा दिया. पाकिस्तान के पुराने साथी चीन ने वैश्विक संगठन में किसी आतंकवादी को प्रतिबंधित सूची में डालने के प्रयास को चार महीने के अंदर चौथी बार बाधित किया है.
ऐसा बताया जा रहा है कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति’ के तहत महमूद (42) को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव को बाधित कर दिया है. अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने ‘‘ लश्कर-ए तैयबा के धन जुटाने के प्रयासों व उसके नेटवर्क को बाधित करने के लिए’’ महमूद और लश्कर के एक अन्य सदस्य मोहम्मद सरवर को दिसंबर 2016 में वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया था.
चीन ने ऐसे में भारत और अमेरिका के इस प्रस्ताव को बाधित किया है, जब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस भारत यात्रा पर हैं. उन्होंने मुंबई में 26/11 आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले लोगों को बुधवार को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. इस आतंकवादी हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित 160 से अधिक लोग मारे गए थे.
अमेरिकी वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, महमूद ‘‘ पाकिस्तान के कराची स्थित लश्कर का एक पुराना सदस्य है और वह कम से कम 2007 से संगठन से जुड़ा है. वह जून 2015 से कम से कम जून 2016 तक फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) का उपाध्यक्ष रहा जो लश्कर की धन जुटाने वाली इकाई है.’’ वेबसाइट के अनुसार, 2014 में महमूद कराची में एफआईएफ का सदस्य था. अगस्त 2013 में उसकी पहचान लश्कर की प्रकाशन इकाई के एक सदस्य के तौर पर की गई थी.
यह पिछले चार महीने में चौथी बार है जब चीन ने ‘1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति’ के तहत पाकिस्तान स्थित किसी आतंकवादी को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को बाधित किया है. चीन ने इस साल जून में पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की प्रतिबंधित सूची में शामिल करने के भारत तथा अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव को आखिरी क्षण में बाधित कर दिया था. मक्की लश्कर-ए-तैयबा के सरगना एवं 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद का रिश्तेदार है.
चीन ने इस साल अगस्त में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई एवं पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन के दूसरे नंबर के आतंकवादी अब्दुल रऊफ अजहर को काली सूची में डालने के अमेरिका और भारत के प्रस्ताव में भी टांग अड़ाई थी. पाकिस्तान में 1974 में जन्मे अब्दुल रऊफ अजहर पर दिसंबर 2010 में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए थे. वह 1999 में ‘इंडियन एयरलाइंस’ के विमान ‘आईसी-814’ को अगवा करने की वारदात का मुख्य साजिशकर्ता था, जिसके एवजÞ में उसके भाई मसूद अजहर को जेल से रिहा कराया गया था.
आतंकी खतरों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान से सहयोग की उम्मीद: अमेरिका
बाइडन प्रशासन ने कहा है कि अमेरिका सभी क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवादी खतरों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की ओर से सहयोग की उम्मीद कर रहा है. विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कुछ देशों ने पाकिस्तान की तरह आतंकवाद का सामना किया है और वे क्षेत्रीय अस्थिरता व क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरों जैसे टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) का मुकाबला करने में साझा रुचि रखते हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम पाकिस्तान के साथ, आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत साझेदारी चाहते हैं. सभी आतंकवादियों व आतंकवादी समूहों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की उम्मीद करते हैं. हम सभी क्षेत्रीय व वैश्विक आतंकवादी खतरों को खत्म करने के लिए सहयोग को लेकर तत्पर हैं.’’ पटेल ने पाकिस्तान में, अमेरिकी राजदूत को तलब किए जाने के बारे में सवालों के जवाब देने से परहेज किया. पटेल ने कहा, ‘‘मेरे पास कोई विशेष जानकारी नहीं है. जैसा कि आप जानते हैं, अमेरिका नियमित रूप से नियमित अंतराल पर पाकिस्तानी अधिकारियों से बात करता है और पाकिस्तान भी ऐसा ही करता है….’’