
प्रयागराज. डेंगू के मरीज को प्लेटलेट्स की जगह कथित तौर पर मौसमी का जूस चढ़ाने के आरोपी अस्पताल का भवन ध्वस्त करने की तैयारी प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने कर ली है. हालांकि मरीज के लिए लाए गए प्लेटलेट्स की जांच में कोई मौसमी का जूस नहीं निकला, बल्कि अनुचित ढंग से संरक्षित प्लेटलेट्स ही निकला है.
जिला मजिस्ट्रेट संजय कुमार खत्री ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘प्लेटलेट्स की जांच रिपोर्ट आ गई है. उसमें मौसमी के जूस जैसी कोई बात नहीं है, बल्कि वह प्लेटलेट्स ही है. लेकिन इसे अनुचित ढंग से संरक्षित रखा गया था जिससे ब्लड में थक्का बनने की आशंका होती है.’’ उन्होंने कहा कि मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने में अस्पताल द्वारा लापरवाही पाई गई है और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से ग्लोबल हास्पिटल की स्वामी मालती देवी को 19 अक्टूबर को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उस भवन को अनाधिकृत रूप से निर्मित बताया गया है जिसमें यह अस्पताल संचालित है. नोटिस में कहा गया है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण से अपेक्षित अनुमति प्राप्त किए बगैर भवन का निर्माण कराया गया है जिसके लिए पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई का अवसर दिया गया. इसमें कहा गया है कि लेकिन सुनवाई की तिथि पर उपस्थित नहीं होने और स्वामित्व संबंधित अभिलेख और शमन मानचित्र प्रस्तुत नहीं करने के कारण ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया है.
भवन में स्थित अस्पताल को 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक खाली करने का निर्देश दिया गया है. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों इस अस्पताल में डेंगू के मरीज प्रदीप पांडेय को मौसमी का जूस चढ़ाने का उनके रिश्तेदारों ने आरोप लगाया था. उनका कहना था कि मौसमी का जूस चढ़ाने से प्रदीप पांडेय की हालत बिगड़ गई थी जिसके बाद उसे शहर के एक दूसरे अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई.
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के ट्वीट और उनके आदेश पर जिला प्रशासन हरकत में आया और उस अस्पताल को 20 सितंबर को सील कर दिया गया था. अस्पताल को सील किए जाने के अगले दिन 21 सितंबर को प्रयागराज पुलिस ने नकली प्लेटलेट्स बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया था.



