कोरोनाकाल में वित्तीय सहायता, बाद में धर्म परिवर्तन का डाला दबाव, आरोप में 3 महिलाओं समेत 4 लोग गिरफ्तार

मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में धर्म परिवर्तन के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तीन महिलाओं समेत चार लोंगो को गिरफ्तार किया गया है और मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं. पुलिस ने यहां शनिवार को यह जानकारी दी. मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रोहित ंिसह सजवाण ने बताया कि धर्म परिवर्तन को लेकर पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसकी जांच का जिम्मा पुलिस क्षेत्राधिकारी, ब्रह्मपुरी को दिया गया था. सजवाण ने बताया कि उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना ब्रह्मपुरी में तीन महिलाओं समेत नौ लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

उन्होंने शनिवार शाम बताया कि इस मामले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी के मुताबिक ‘उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनयम, 2021’ के तहत वांछित प्रेमा, तितली उर्फ सुनिता एवं रीना समेत कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं. शिकायत मंगतपुरम बस्ती के कुछ व्यक्तियों ने दर्ज कराई थी.

पुलिस ने बताया कि शिकायकर्ताओं के अनुसार कुछ लोगों ने क्षेत्र में रहने वाले गरीबों को कोरोना वायरस महामारी के दौरान कुछ वित्तीय सहायता दी थी और बाद में आरोपियों ने इन लोगों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला. पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ‘‘आरोपी मंगतपुरम कॉलोनी के लोगों के घरों से हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर भी बाहर फेंक रहे हैं. विरोध करने पर अथवा घटना की शिकायत किसी अधिकारी से करने पर आरोपी चाकू-डंडे लेकर घर आकर जान से मारने की धमकी देते हैं.’’ हालांकि शिकायत में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि कुल कितने लोंगो का धर्म परिवर्तन कराया गया है. लेकिन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता दीपक शर्मा का कहना है कि मंगतपुरम बस्ती में रहने वाले 100 से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया है.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह काम पिछले तीन साल से चल रहा है. महामारी के समय में बस्ती के लोगों को राशन और पैसा देकर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया गया था. अब बाकी लोगों पर भी दबाव बनाया जा रहा है और धमकी दी जा रही है.’’ प्राथमिकी में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध सपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3, 5(1) के तहत छबीली उर्फ शिव, बिनवा, अनिल, सरदार, निक्कू, बसंत, प्रेमा, तितली और रीना के नाम हैं. एसएसपी के अनुसार अब तक की जांच में यही पता चला है कि इस इलाके में अधिकांश दलित समुदाय के लोग रहते हैं. ल?कडाउन के दौरान इन्हें कुछ लोग खाना-वगैरह दे देते थे. इसके बाद इन लोंगो ने वहां पर प्रार्थना भी शुरू कर दी थी.

एसएसपी के अनुसार कुछ लोंगों से धर्म परिवर्तन की जानकारी मिली है. अन्य लोगों ने धर्म परिवर्तन की बात से इनकार किया है.
एसएसपी के अनुसार घटना में क्षेत्र के अनिल चौहान नामक व्यक्ति की भूमिका सामने आई है. इलाके के लोगों के अनुसार चौहान के पिता 17-18 साल पहले धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन गए थे, जो अब यहां नहीं रहते. अनिल चौहान ही धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को पैसे का प्रलोभन देता है. चौहान की अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.

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