ITBP के याक ‘बाहुबली’, टट्टू ‘मधु’ को LAC चौकियों पर राशन, बारूद ले जाने के लिए मिले पदक

नयी दिल्ली. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की पशु परिवहन इकाई के याक ‘बाहुबली’ और टट्टू ‘मधु’ को क्रमश: सिक्किम और लद्दाख क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थित अग्रिम चौकियों तक कई टन राशन, उपकरण और गोला-बारूद पहुंचाने के लिए विशेष सेवा पदक से सम्मानित किया गया है.

आईटीबीपी के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि 10 वर्षीय मधु ने जहां लद्दाख सेक्टर में बल में अपनी सात साल की सेवा के दौरान कुल 59,821 किलोग्राम भार ढोया है, वहीं बाहुबली (9.6 वर्ष) ने 2,348 किलोमीटर पैदल चलकर 7,818 किलोग्राम भार ढोया है.
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पशु परिवहन इकाई के ऐसे सदस्यों को सालाना पदक दिए जाते हैं जिन्होंने असाधारण सेवा की हो और आईटीबीपी की सुदूर सीमा चौकियों तक पहुंचने के लिए पहाड़ियों पर कुछ सबसे कठिन यात्राएं की हों.

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, टट्टू, खच्चर और याक वाली इकाई के सदस्यों ने चालू वर्ष में 3,43,593 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की और कुल 30,45,019 किलोग्राम भार ढोया. ये जानवर सूखा राशन, ईंधन, गोला-बारूद, पैकेट बंद भोजन और अन्य सामान सीमा चौकियों पर ले जाते हैं जो लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक 8,000-16,000 फुट की ऊंचाई से ऊंचाई पर स्थित हैं. गत 24 अक्टूबर को आईटीबीपी के स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों विजेताओं को उनकी संबंधित सीमा चौकियों पर पदक दिए गए.

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