बंगाल: बेहोश छात्र को अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद मेडिकल संस्थान में विरोध प्रदर्शन

कोलकाता. कोलकाता के बड़ानगर स्थित राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान (एनआईएलडी) का एक छात्र छात्रावास में अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिला और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

इस घटना के बाद केंद्रीय संस्थान एनआईएलडी के परिसर में विरोध शुरू हो गया जहां लोगों को फिजियोथेरेपिस्ट, आॅर्थोटिस्ट आदि बनने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके अलावा हड्डी के दिव्यांग मरीजों की बुनियादी देखभाल की जाती है. विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि सोमवार को अधिकारी प्रियरंजन सिंह कोई त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए उपाय करने में विफल रहे और सिंह की जान बचाई जा सकती थी.

छात्रों के एक तबके ने संस्थान के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया, जिससे स्टाफ और मरीजों को बाहर ही इंतजार करना पड़ा. किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है. पुलिस अधिकारियों में से एक ने कहा कि संस्थान द्वारा एक शिकायत दर्ज कराई गई है, यह जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में छात्र की मौत हुई.

आंदोलनकारियों ने दावा किया कि अन्य छात्रों द्वारा मदद मांगने के बावजूद संस्थान के अधिकारियों ने सिंह के इलाज के लिए कोई पहल नहीं की और सिंह को मोटरसाइकिल से पास के अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करनी पड़ी. सिंह को सागर दत्ता अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

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