रोजगार मेले के जरिए 1.47 लाख नयी नियुक्तियां: केंद्र सरकार

नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को बताया कि देश भर में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम के तहत अभी तक केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और बैंकों आदि में लगभग 1.47 लाख नयी नियुक्तियां की गई हैं. कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा, ‘‘रिक्तियों को मिशन मोड में भरा जा रहा है.’’ सिंह ने कहा कि रिक्त पदों की भर्ती एक सतत प्रक्रिया है.

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक किसी विभाग द्वारा रिपोर्ट की गई रिक्तियां भरी जाती हैं, कुछ और नयी रिक्तियां उत्पन्न हो जाती हैं. केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों एवं उनसे संबद्ध व अधीनस्थ कार्यालयों में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति, सेवा से त्यागपत्र, मृत्यु, पदोन्नति आदि के कारण रिक्तियां उत्पन्न होती हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में रोजगार मेला कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और अब तक विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, बैंकों आदि द्वारा लगभग 1.47 लाख नई नियुक्तियां की गई हैं.’’ केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2009-10 से 2014-15 तक की अवधि में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा कुल 41,246 और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा 2,89,016 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई थी.

उन्होंने कहा, ‘‘आशा है रोजगार मेला आगे भी रोजगार और स्वरोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करना जारी रखेगा और युवाओं को लाभकारी सेवा के अवसर प्रदान करेगा.’’ एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उपलब्ध वार्षिक पीएलएफएस रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 के दौरान 15 वर्ष और इससे ऊपर के आयु के व्यक्तियों की सामान्य स्थिति पर अनुमानित कामगार जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 52.6 प्रतिशत और बेरोजगारी दर (यूआर) 4.2 प्रतिशत थी.

उन्होंने कहा कि 2019-20, 2018-19 और 2017-18 के दौरान बेरोजगारी दर क्रमश: 4.8 प्रतिशत, 5.8 प्रतिशत और 6 प्रतिशत थी.
मंत्री ने कहा, रोजगार सृजन के साथ-साथ रोजगार उपलब्ध कराने में सुधार सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल के दिनों में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं.

उन्होंने कहा, ”सरकार ने कारोबार को प्रोत्साहन देने और कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की है. इस पैकेज के तहत सरकार 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक का राजकोषीय प्रोत्साहन प्रदान कर रही है. इस पैकेज में देश को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए विभिन्न दीर्घकालिक योजनाएं, कार्यक्रम व नीतियां शामिल हैं.’’

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) 1 अक्टूबर, 2020 से शुरू की गई थी ताकि नियोक्ताओं को नए रोजगार के सृजन और महामारी के दौरान रोजगार के नुकसान की पूर्ति के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. मंत्री ने कहा कि इस साल 28 नवंबर तक 60.13 लाख लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया है. उन्होंने कहा कि इस साल के आम बजट में 2021-22 से शुरू होकर पांच साल की अवधि के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं शुरू की गई हैं.

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