कांग्रेस ने नायडू के कथन का हवाला देकर धनखड़ पर फिर निशाना साधा

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Fri, 13 Jan 2023 12:53 PM
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नयी दिल्ली: कांग्रेस ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) अधिनियम निरस्त किए जाने के मुद्दे पर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा परोक्ष रूप से न्यायपालिका की आलोचना किए जाने के बाद शुक्रवार को उन पर फिर निशाना साधा और राज्यसभा के पूर्व सभापति एम वेंकैया नायडू के इस कथन का हवाला दिया कि संविधान सर्वोच्च है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ” पी चिदंबरम जी ने न्यायपालिका पर उप राष्ट्रपति के हमले का यह कहते हुए सही प्रतिवाद किया है कि संसद नहीं, संविधान सर्वोच्च है। एक साल पहले, धनखड़ जी से पूर्व उप राष्ट्रपति रहे वेंकैया नायडू ने वही बात की थी जो चिदंबरम जी ने की है।”

उन्होंने नायडू के कथन से जुड़ी पीआईबी की एक विज्ञप्ति भी साझा की। 25 नवंबर, 2020 की इस विज्ञप्ति के मुताबिक, राज्यसभा के तत्कालीन सभापति नायडू ने कहा था कि “राज्य के तीनो अंगों में से कोई भी सर्वोच्च होने का दावा नहीं कर सकता है क्योंकि केवल संविधान सर्वोच्च है और विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका संविधान में परिभाषित दायरे के भीतर काम करें।”

पीआईबी की इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नायडू ने गुजरात के केवड़िया में पीठासीन अधिकारियों के 80वें अखिल भारतीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी। रमेश ने धनखड़ पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि राज्यसभा के सभापति का केशवानंद भारती मामले से जुड़े फैसले को ‘गलत’ कहना न्यायपालिका पर अभूतपूर्व हमला है।

उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने बुधवार को कहा था कि संसद के बनाए कानून को किसी और संस्था द्वारा अमान्य किया जाना प्रजातंत्र के लिए ठीक नहीं है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2015 में एनजेएसी अधिनियम को निरस्त किए जाने को लेकर उन्होंने यह भी कहा था कि ‘दुनिया में ऐसा कहीं नहीं हुआ है।’ भाषा हक

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