डीजीसीए ने पेशाब कांड में एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Fri, 20 Jan 2023 09:46 PM
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नयी दिल्ली: एयर इंडिया की न्यूयॉर्क-दिल्ली उड़ान के दौरान एक यात्री के कथित तौर पर एक महिला सहयात्री पर पेशाब करने की घटना के संदर्भ में विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नागर विमानन महानिदेशालय (डूजूसीए) ने शुक्रवार को जारी एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि उस विमान के पायलट-इन-कमांड का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।।

इसके साथ ही उसने कहा कि 26 नवंबर, 2022 को हुई इस घटना के संदर्भ में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने पर एयर इंडिया की उड़ान सेवा निदेशक पर भी तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डीजीसीए के संज्ञान में यह मामला चार जनवरी को आने पर एयर इंडिया को नोटिस जारी किया गया था। नियामक ने यह कार्रवाई विभिन्न मानदंडों के उल्लंघन के लिए की है।

विमान में पेशाब करने का मामला: मिश्रा ने आंतरिक जांच के निष्कर्षों से असहमित जताई

एअर इंडिया के विमान में एक बुजुर्ग महिला पर कथित तौर पर पेशाब करने के मामले में हुई आंतरिक जांच के निष्कर्षों पर असहमति जताते हुए आरोपी शंकर मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि उनपर चार महीने तक हवाई सफर पर लगाई गई रोक विमान के खाके की गलत समझ पर आधारित है. अपने वकील के जरिये जारी बयान में मिश्रा ने कहा कि लागू नियमों के आधार पर फैसले के खिलाफ अपील की कार्रवाई की जा रह ही है.

आरोप है कि मिश्रा पिछले साल 26 नवंबर को न्यूयॉर्क से दिल्ली आने वाली एअर इंडिया की उड़ान में शराब के नशे में थे और उन्होंने अपनी सह यात्री बुजुर्ग महिला पर कथित तौर पर पेशाब कर दिया था. हालांकि, उन्होंने पूरे मामले को स्तब्ध करने वाला नया मोड़ देते हुए दावा किया था कि महिला ने उनपर पेशाब किया था. विमानन कंपनी ने बृहस्पतिवार को मिश्रा के उसकी उड़ानों में चार महीने तक सवार होने पर रोक लगाते हुए कहा था कि तीन सदस्यीय समिति ने उन्हें ‘ उद्दंड यात्री’ की श्रेणी में पाया है.

अधिवक्ता इशानी शर्मा और अक्षत बाजपेयी द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘हम खासतौर पर यह रुख रखना चाहते हैं कि आंतरिक जांच समिति का फैसला विमान के खाके को लेकर गलत समझ पर आधारित है. जब समिति ने उचित तथ्य नहीं पाया कि कैसे आरोपी ने 9ए संख्या सीट पर बैठी शिकायतकर्ता पर 9सी सीट संख्या पर बैठे यात्री को प्रभावित किए बिना पेशाब किया तो मान लिया कि सीट संख्या 9बी बिजेनस श्रेणी की थी.’’

बयान में कहा गया, ‘‘ इन निराधार और गलत अनुमानों के आधार पर समिति ने संभावित तौर पर यह गढ़ लिया कि आरोपी ने उक्त अवैध कृत्य किया होगा.’’ मिश्रा ने कहा कि समिति का निष्कर्ष और नतीजे इस तथ्य के मद्देनजर स्तब्ध करने वाला है कि समिति में दो विमानन विशेषज्ञ थे.

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