तीव्र विकास रोजगार, स्वरोजगार के अवसर पैदा कर रहा है: प्रधानमंत्री मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 20 Jan 2023 05:50 PM
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि तेजी से आगे बढ़ता भारत, बुनियादी ढांचे और संबद्ध क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रगति कर रहा और साथ ही रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा कर रहा है. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने पारर्दिशता और गति को बढ़ावा देते हुए भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध बनाकर इसमें व्यापक बदलाव किए हैं.

विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 71,426 युवाओं को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में आयोजित किए जा रहे ‘‘रोजगार मेले’’ उनकी सरकार की पहचान बन गए हैं. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम साफ दर्शाता है कि उनकी सरकार जो संकल्प लेती है, उसे पूरा करके भी दिखाती है. प्रधानमंत्री ने पिछले साल 10 लाख लोगों को रोजगार देने के लिए ‘‘रोजगार मेला’’ अभियान की घोषणा की थी.

रोजगार मेले के तहत नियुक्ति पत्र वितरण का यह तीसरा चरण था. गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में आयोजित रोजगार मेले के दौरान विभिन्न पदों पर चयनित 71 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौपे गए थे. इससे पहले, अक्टूबर महीने में रोजगार मेले के माध्यम से करीब 75 हजार नए र्किमयों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे.

उन्होंने कहा, ‘‘आज का ये आयोजन सिर्फ सफल उम्मीदवारों में ही नहीं बल्कि करोड़ों परिवारों में आशा की नई किरण का संचार करेगा. आने वाले दिनों में लाखों और परिवारों में सरकारी नौकरी मिलने वाली है.’’ प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में भी लगातार रोजगार मेलों का आयोजन किए जाने का उल्लेख किया और कहा कि जल्द ही मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड जैसे अनेक राज्­यों में भी ये आयोजन होने वाले हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘निरंतर हो रहे ये रोजगार मेले अब हमारी सरकार की पहचान बन गए हैं. ये दिखाता है कि किस तरह हमारी सरकार जो संकल्प लेती है, उसे सिद्ध करके दिखाती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भर्ती प्रक्रिया में व्यापक बदलाव हुआ है और केंद्रीय सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा सुव्यवस्थित और समयबद्ध बनी है.

उन्होंने कहा, ‘‘पारदर्शी तरीके से भर्ती और पदोन्नति युवाओं में भरोसा जगाती है. ये पारर्दिशता उन्हें बेहतर तैयारी के साथ प्रतियोगिताओं में उतरने के लिए प्रेरित करती है. हमारी सरकार इस दिशा में निरंतर काम कर रही है.’’ नियुक्ति पत्र सौंपे जाने से पहले नवनियुक्त र्किमयों ने ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ मॉड्यूल के बारे में प्रधानमंत्री से अपने अनुभव साझा किए. पश्चिम बंगाल की सुप्रभा, कश्मीर के श्रीनगर के फैजल शौकत शाह, बिहार के दिव्यांग राजू कुमार और तेलंगाना के वायसी कृष्णा सहित कुछ युवाओं ने प्रधानमंत्री को अपने संघर्षों और अनुभवों के बारे में बताया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं में ज्यादातर बहुत ही सामान्य परिवार के हैं और इनमें कई ऐसे युवा हैं, जो पांच पीढ़ियों में सरकारी नौकरी पाने वाले वाले परिवार के पहले सदस्य हैं. मोदी ने कहा कि आज भर्ती प्रक्रिया में जो पारर्दिशता और रफ्तार देखने को मिल रही है, वह सरकार के हर काम में भी दिख रही है.

सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में किए जा रहे कामों और उससे लोगों को मिल रहे स्वरोजगार का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारतनेट प्रोजेक्ट के जरिए हर गांव तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जा रही है. उन्होंने कहा, ‘‘बदलते हुए भारत में, तेजी से आगे बढ़ते हुए भारत में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर लगातार बन रहे हैं. और जब विकास तेज होता है तो स्वरोजगार के अवसर अनगिनत मात्रा में बनने लगते हैं. आज भारत इसे अनुभव कर रहा है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज स्­वरोजगार का क्षेत्र बहुत आगे बढ़ रहा है और पिछले आठ वर्षों में व्यापक स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से रोजगार के लाखों अवसर बने हैं.
उन्होंने कहा कि अवसंरचना में 100 लाख करोड़ का निवेश रोजगार की अपार संभावनाओं के द्वार खोल रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम गांवों को इंटरनेट के जरिए बाकी दुनिया से जोड़ते हैं तो इससे भी रोजगार के नए अवसर बनने लगते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था, जब नियमित तौर पर होने वाली पदोन्नति में भी अलग-अलग वजहों से अड़चनें आ जाती थीं. हमारी सरकार ने अलग-अलग विवादों का निपटारा किया. कोर्ट-कचहरी के कारण लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नतियों को बहाल करने की प्रतिबद्धता दिखाई.’’

प्रधानमंत्री ने नौकरी पाने वाले युवाओं से भारत की यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की और कहा कि जिस तरह कारोबार की दुनिया में कहा जाता है कि ग्राहक हमेशा सही है, वैसे ही शासन व्यवस्था में मंत्र होना चाहिए कि ‘‘सिटीजन इज आॅलवेज राइट’’ यानी ‘‘नागरिक हमेशा सही है.’’ उन्होंने कहा कि युवा जब सरकार में नियुक्त होते हैं तो उसे ‘‘सरकारी सेवा’’ कहा जाता है और जब निजी कंपनी में जाते हैं तो उसे ‘‘जॉब’’ कहते हैं.

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सेवाभाव को मन में रखकर देशवासियों की सेवा करें. शुक्रवार को नियुक्ति पत्र प्राप्­त करने वाले युवा देशभर में विभिन्­न सरकारी विभागों में कनिष्­ठ अभियंता, लोको-पायलट, तकनीशियन, निरीक्षक, उप निरीक्षक, कांस्­टेबल, आशुलिपिक और कनिष्­ठ लेखाकार, ग्रामीण डाक सेवक, आयकर निरीक्षक, अध्­यापक, नर्स, डॉक्­टर और सुरक्षा अधिकारी के पदों पर नियुक्­त किए जाएंगे. कर्मयोगी प्रारंभ मॉड्यूल विभिन्­न सरकारी विभागों में सभी नवनियुक्­त र्किमयों के लिए आॅनलाइन आरंभिक पाठ्यक्रम है. इसमें सरकारी सेवकों के लिए आचार-संहिता, कार्यस्थल पर नैतिकता, सत्यनिष्ठा और मानव संसाधन नीतियां शामिल हैं.

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