तमिलनाडु के गांव में 70 साल में पहली बार दलितों ने मंदिर में किया प्रवेश

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 30 Jan 2023 10:16 PM
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तिरुवन्नमलई. तमिलनाडु के इस जिले एक गांव में करीब 70 साल में पहली बार दलितों ने सोमवार को अपने गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना की. इससे पहले जिला प्रशासन ने ‘‘प्रभावशाली जातियों’’ के साथ ‘‘शांति वार्ता’’ कराई थी. कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच तथा शीर्ष जिला और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में, अनुसूचित जाति से संबंधित ग्रामीणों ने पूजा की माला, फूल और अन्य प्रसाद के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश किया. उन्होंने मंत्रोच्चारण के साथ देवता की जय-जयकार की और पूजा की.

यह उत्तरी तिरुवन्नमलई जिले में थंनद्रमपत्तू तालुक का थेनमुदियानूर गांव है और पूजा का स्थान मुथुमरियाम्मन मंदिर है . अधिकारियों ने विशेष रूप से यह उल्लेख नहीं किया कि यह पहली बार है कि दलित गांव के मंदिर में जा रहे हैं लेकिन अनुसूचित जाति के लोगों ने कहा कि वे पहली बार मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर 80 साल पुराना है. सरकार ने कहा कि यह 70 साल पुराना है.

दलित निवासी सी मुरुगन ने संवाददाताओं से कहा, “करीब 80 साल तक दलित गांव के मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाए. पुलिस अधिकारियों सहित जिले के अधिकारियों ने मिलकर हमें पूजा करने की नई आजादी दी है.” जिला कलेक्टर बी मुरुगेश ने कहा कि मंदिर 70 साल पुराना है और ंिहदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग से संबंधित है.

उन्होंने कहा, “भारतीय संविधान के तहत सभी समान हैं. किसी भी मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए.” मुरुगेश ने कहा कि दलितों के प्रवेश का विरोध करने वालों को यह बता दिया गया था और शांति वार्ता जिला अधिकारियों द्वारा शुरू की गई थी जिसमें पुलिस और राजस्व अधिकारी शामिल थे. उनके मुताबिक, आखिरकार, इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया और दलितों ने मंदिर में पूजा की.

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