गांधीनगर/लखनऊ. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय बजट 2023-24 को बृहस्पतिवार को ‘विकास केंद्रित’ करार देते हुए कहा कि इसमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि परिलक्षित होती है. पटेल ने कहा कि बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों, मध्यम वर्ग, आदिवासियों, वरिष्ठ नागरिकों और दलितों सहित समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है.
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ केंद्र ने बुधवार को विकास केंद्रित बजट पेश किया. हमारे देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य के साथ-साथ, यह बजट भारत को एक विकसित देश बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि को प्रर्दिशत करता है. गुजरात के लिए भी बजट फायदेमंद साबित होगा.’’ उन्होंने हीरा और चीनी सहकारिता जैसे उद्योगों को राहत प्रदान करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया.
पटेल ने कहा, ‘‘ इस बजट से गुजरात में ‘गिफ्ट सिटी’, हीरा उद्योग, डेयरी सहकारिता और पशुपालन क्षेत्र को फायदा होगा. इस बजट के जरिए केंद्र ने देश के सहकारी चीनी उद्योग को 10,000 करोड़ रुपये की आयकर राहत प्रदान की है. इससे गुजरात में कई चीनी सहकारिता समितियों को फायदा होगा.’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट मोदी सरकार के समावेशी विकास के संकल्प को दिखाता है.
सप्तऋषि की तरह देश का मार्गदर्शन करेगा केंद्रीय बजट, उत्तर प्रदेश को होगा विशेष लाभ : योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकसभा में पेश किए गए आम बजट की सराहना करते हुए कहा है कि देश के अमृत काल का यह पहला बजट सप्तऋषि की तरह भारत का मार्गदर्शन करेगा और इससे उत्तर प्रदेश को खासा लाभ होगा. मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को लोकसभा में पेश किए गए बजट की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि यह बजट महज वर्ष 2023-24 के विकास का एजेंडा नहीं बल्कि अगले 25 से 50 साल के लिए देश की विकसित अर्थव्यवस्था की बुनियाद रखने वाला ‘ब्लूंिप्रट’ है.
उन्होंने कहा कि इस बजट की सात प्राथमिकताओं को ‘सप्तऋषि’ कहा गया है. उन्होंने कहा, “देश के अमृत काल का यह पहला बजट सप्तऋषि की तरह भारत का मार्गदर्शन करेगा और एक आकांक्षी देश के लक्ष्यों को पूरा करने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा.” आदित्यनाथ ने कहा कि अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए और बढ़ा देने से उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि से जुड़े ‘स्टार्टअप’ को प्राथमिकता देने और इसके लिए युवा उद्यमियों के लिए कृषि वर्धक निधि स्थापित करने से उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में विविधीकरण बढ़ेगा और प्रतिभाशाली युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
उन्होंने कहा कि कुटीर, लघु एवं मझोले उद्योगों को 9000 करोड़ रुपये की ऋण गारंटी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश की घरेलू अर्थव्यवस्था को एक नयी मजबूती मिलेगी और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहाा कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 96 लाख ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं. उन्होंने कहाा कि निश्चित रूप से बजट के इस प्रावधान से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा.