जम्मू/राजौरी. जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां आतंकी गतिविधियों को ‘‘धर्म के चश्मे’’ से नहीं देखती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सिंह ने कहा कि सीमा पार से अपने आकाओं के इशारे पर जम्मू क्षेत्र में हाल में किए गए आतंकवादी हमलों का उद्देश्य आतंकवाद को पुनर्जीवित करना और केंद्र शासित प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को नुकसान पहुंचाना था.
डीजीपी ने कहा, ‘‘हम देश के कानून के अनुसार काम करते हैं और धर्म के चश्मे से (आतंकवाद से संबंधित किसी भी घटना को) नहीं देखते हैं. एक आरोपी के साथ धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि अपराध के आधार पर निपटा जाता है.’’ वह पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस कथित टिप्पणी से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें पेशावर में एक मस्जिद में बम हमले के बाद मंत्री ने कहा था कि भारत में भी नमाज के दौरान नमाजी नहीं मारे गए.
डीजीपी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार की नीति बहुत स्पष्ट है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और उनके (आतंकवादियों) खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. कुछ लोग स्थिति में हेरफेर करने और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें यकीन है कि लोग बहुत कुछ सीख चुके हैं और गुमराह नहीं होंगे.’’
ढांगरी आतंकी हमला मामले में मिले सुरागों पर काम कर रहे हैं : जम्मू-कश्मीर के डीजीपी
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि पुलिस ढांगरी आतंकी हमले के मामले में मिले सुरागों पर काम कर रही है और जांच सही रास्ते पर है. ढांगरी आतंकी हमले के पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग को लेकर पांच फरवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की है, जिसके बाद डीजीपी का यह बयान आया है. एक जनवरी को राजौरी जिले के ढांगरी गांव में आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें सात लोग मारे गए थे और 14 अन्य घायल हो गए थे.
डीजीपी सिंह ने जम्मू में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम (मामले को सुलझाने के लिए) विभिन्न सुरागों पर काम कर रहे हैं और इस संबंध में उचित समय पर विवरण साझा किया जाएगा.’’ इस बीच, आतंकी हमले में अपने दो बेटों – दीपक शर्मा और ंिप्रस शर्मा – को खोने वाली 58 वर्षीय सरोज बाला ने न्याय की मांग को लेकर पांच फरवरी से भूख हड़ताल की घोषणा की है.
अपने परिवार में अकेली बचीं बाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक महीना बीत चुका है, लेकिन हमले में शामिल आतंकवादी अब भी फरार हैं.’’ ढांगरी अपर पंचायत के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा कि पूरा गांव शोकाकुल मां के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा, ‘‘हम बाला के साथ भूख हड़ताल में शामिल होंगे.’’