नयी दिल्ली. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक (डीजी)अतुल करवाल ने बुधवार को कहा कि बल के 51 र्किमयों की एक नई टीम को भूकंप प्रभावित तुर्किये भेजा जा रहा है जहां एनडीआरएफ के दो दल पहले ही बचाव कार्य शुरू कर चुके हैं.
करवाल ने कहा कि एनडीआरएफ की तीसरी टीम को हवाई मार्ग से वाराणसी से दिल्ली लाया गया है और वे आज रात तक वायुसेना के विमान से तुर्किये के लिए प्रस्थान कर सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को आए भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर नौ हजार के पार चली गई है. दुनियाभर के देश तुर्किये और सीरिया में लोगों की मदद करने के लिए सहायता और कर्मचारियों को भेज रहे हैं.
करवाल ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मंगलवार को दो दल भेजे गए थे जिनमें कुल 101 कर्मी थे और उन्हें तुर्किये में अभियान चलाने के लिए स्थान बता दिया गया है और वे गाजीऐंटेप प्रांत के नूरदेगी में तैनात हैं जबकि अन्य उरफा इलाके के आसपास मौजूद हैं.
डीजी ने कहा, ‘‘ हमारे दलों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है और भारतीय दूतावास और तुर्किये प्रशासन के अधिकारी उनके साथ समन्वय कर रहे हैं. इस संबंध में तुर्किये से भारत सरकार को प्राप्त अनुरोध के बाद तीसरा दल प्रस्थान करने की तैयारी कर रहा है.’’
अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ के बचावर्किमयों को बताया गया है कि शक्तिशाली भूकंप आने के बाद तुर्किये में अलग अलग आकार की 600 इमारतें गिरी हैं. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम मलबे में से लोगों को निकालेगी, घायलों को प्राथमिक उपचार देगी और उन्हें चिकित्सा र्किमयों को सौंपेगी.
उन्होंने कहा कि बल के र्किमयों के पास ऐसे राडर हैं जो व्यक्ति की दिल की धड़कन जैसी हल्की आवाजÞें तक सुन लेते हैं. डीजी ने कहा कि भेजे गए दोनों दल करीब एक पखवाड़े का राशन, तंबू और अन्य साजो समान लेकर गए हैं . करवाल ने कहा, ‘‘ हमने तुर्किये में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड में काम करने के लिए अपने बचाव र्किमयों को र्सिदयों के विशेष कपड़े दिए हैं. ये कपड़े भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और अन्य से उधार लिए गए हैं.’’ उन्होंने कहा कि जÞमीन पर मौजूद टीम के पास संपर्क में रहने के लिए उपग्रह फोन हैं जबकि ‘‘हमें वहां से क्षेत्र कमांडर से मोबाइल फोन संदेश भी मिल रहे हैं.’’ करवाल ने कहा कि इन दलों में पांच महिला कर्मचारी भी शामिल हैं और यह पहली बार है कि एनडीआरएफ की महिला र्किमयों को भारत के बाहर तैनात किया गया है.
डीजी ने कहा कि महिला कर्मी अपने पुरुष सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि दो दलों से मिली प्रतिपुष्टि (फीडबैक) के आधार पर तीसरा दल डीजÞल, सौर लालटेन और तैयार खाना लेकर जाएगा. तुर्किये को हर संभव मदद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेशकश के बाद सरकार ने सोमवार को चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री के साथ एनडीआरएफ की टीम को वहां भेजने का फैसला किया था. एक अधिकारी ने बताया कि सीरिया ने भारत सरकार से दवाइयां और सहायता का आग्रह किया था, इसलिए एनडीआरएफ की टीम वहां नहीं भेजी गई.