न जांच कराएंगे, न जवाब देंगे, प्रधानमंत्री बस अपने ‘मित्र’ का साथ देंगे: राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 08 Feb 2023 09:22 PM
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नयी दिल्ली.  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो वक्तव्य दिया उसमें सच्चाई नहीं थी और वह उद्योगपति गौतम अडाणी का बचाव कर रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न जांच कराएंगे, न जवाब देंगे, बस अपने ‘मित्र’ का साथ देंगे कांग्रेस नेता ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाषण में सच्चाई नहीं है. अगर (अडाणी)मित्र नहीं हैं तो यह कह देते कि जांच होगी.’’

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘शेल कंपनियां और बेनामी संपत्तियां राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय हैं. भारत के बुनियादी ढांचे से जुड़ा विषय हैं. ये बहुत बड़ा घपला है. इस बारे में प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री उनका (अडाणी) बचाव कर रहे हैं. मैं समझता हूं. इसका कारण है.’’ बाद में उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘न जांच कराएंगे, न जवाब देंगे – प्रधानमंत्री जी बस अपने ‘मित्र’ का साथ देंगे.’’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘ध्यान भटकाओ, बदनाम करो, इनकार करो. यही प्रधानमंत्री की शैली है जो संसद में उनके तथाकथित जवाब में नजर आई. उन्होंने अपने पसंददीदा कारोबारी अडाणी और उनके घोटालों के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला.’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि दुनिया में कोरोना महामारी सहित अनेक संकटपूर्ण हालात के बीच देश को जिस तरह से संभाला गया, उससे पूरा देश आत्मविश्वास से भर रहा है एवं पूरे विश्व में भारत को लेकर सकारात्मकता, आशा और भरोसा है.
उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षी कांग्रेस पर भी निशाना साधा.

राहुल की टिप्पणियों को हटाकर लोकसभा में लोकतंत्र खत्म किया गया: जयराम रमेश

कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में अडाणी समूह से जुड़े मामले को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाकर सदन में लोकतंत्र को खत्म किया गया. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री से जुड़े अडाणी महाघोटाले पर राहुल गांधी की टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाये जाने के साथ लोकसभा में लोकतंत्र का दाहसंस्कार कर दिया गया. ओम शांति.’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अडाणी समूह से जुड़े मामले का हवाला देते हुए मंगलवार को लोकसभा में आरोप लगाया था कि 2014 में केंद्र की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी के आने बाद ऐसा ‘असली जादू’ हुआ कि आठ वर्षों के भीतर उद्योगपति गौतम अडाणी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए.

उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए यह दावा भी किया था कि मौजूदा सरकार के दौरान नियम बदलकर हवाई अड्डों के ठेके अडाणी समूह को दिए गए. राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर की गई कुछ टिप्पणियों को आसन के निर्देश पर कार्यवाही से हटाया गया है.

मोदी सरकार में एक उद्योगपति के ‘अच्छे दिन’ आए, गरीबों के लिए ‘बुरे दिन’ आए: गौरव गोगोई

कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट को ‘दिशाहीन’ करार देते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि इस सरकार में सिर्फ एक उद्योगपति के अच्छे दिन आए हैं, गरीबों के लिए ‘बुरे दिन’ आए हैं. सदन में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई ने वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि अडाणी समूह से जुड़े मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच होनी चाहिए.

गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार ने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को लेकर उपाय नहीं सुझाए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी चुनौती यह है कि देश की जनसंख्या 140 करोड़ से अधिक हो चुकी है, लेकिन बेरोजगारी दर सात प्रतिशत से अधिक है. आज देश के लिए बहुत कठिन परिस्थिति है.’’ गोगोई का कहना था, ‘‘आज बेरोजगारी और गरीबी बढ़ रही है. अगर 80 करोड़ लोगों को आज मुफ्त अनाज देना पड़ रहा है तो इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थिति कितनी गंभीर है.’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘महंगाई बढ़ रही है. चीन की चुनौती है. हम चाहते थे कि वर्तमान की चुनौतियों से निपटने और देश को नयी दिशा देने वाला बजट हो. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह दिशाहीन बजट है.’’ उन्होंने उद्योगपति गौतम अडाणी का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा, ‘‘मैं बजट को ‘ए’ रेंिटग देता हूं. इस ‘ए’ का मतलब …. है. गरीबों के लिए इस बजट में कुछ नहीं है.’’ उन्होंने दावा किया कि आज एक उद्योगपति के अच्छे दिन आए हैं, गरीबों के ‘बुरे दिन’ आए हैं.

अडाणी को हवाई अड्डे देने के खिलाफ नीति आयोग की अनुशंसाओं को नजरअंदाज क्यों किया गया: कांग्रेस

कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने छह हवाई अड्डे अडाणी समूह को सौंपे जाने के खिलाफ नीति आयोग द्वारा की गई सिफारिशों की उपेक्षा क्यों की थी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कांग्रेस की ‘हम अडाणी के हैं कौन’ श्रृंखला के तहत कुछ सवाल पूछे और कहा कि अडाणी समूह बहुत ही कम समय में हवाई अड्डे के क्षेत्र में सबसे बड़ा परिचालक बन गया.

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने हवाई अड्डे के क्षेत्र में स्पर्धा को बढ़ावा दिया था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने एक कारोबारी समूह को फायदा पहुंचाया. उधर, विभिन्न कारोबार से जुड़े जीवीके समूह ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उसके ऊपर मुंबई हवाई अड्डे में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए किसी तरह का ‘बाहरी दबाव’ नहीं था.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में समूह पर दबाव होने का आरोप लगाया था. उन्होंने संसद में कहा था कि भारत सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर जीवीके से मुंबई हवाई अड्डा लेकर उसे अडाणी को सौंप दिया. गांधी के इस आरोप के एक दिन बाद जीवीके समूह ने इस मामले में यह बयान दिया है.

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