अब सुशासन के लिए पहचाना जाता है उत्तर प्रदेश; भारत के विकास को गति देगा राज्य : प्रधानमंत्री मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 10 Feb 2023 06:12 PM
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लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘डबल इंजन’ सरकार के तहत उत्तर प्रदेश को संभावनाओं से भरपूर प्रदेश बताते हुए शुक्रवार को कहा कि पहले ‘बीमारू’ राज्य के तौर पर जाना जाने वाला राज्य अब सुशासन के लिए पहचाना जाता है और अब यह भारत के विकास को गति देगा.

उन्होंने कहा,‘‘ एक तरफ ‘डबल इंजन’ सरकार का इरादा और दूसरी तरफ संभावनाओं से भरा उत्तर प्रदेश, इससे बेहतर साझेदारी हो ही नहीं सकती. यह जो समय है, इसे हमें गंवाना नहीं चाहिए. भारत की समृद्धि में दुनिया की समृद्धि निहित है.’’ खराब आर्थिक प्रदर्शन वाले राज्यों को ‘बीमारू’ कहा जाता है. ‘बीमारू’ शब्द भारत के चार राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से गढ़ा गया शब्द है.

मोदी ने ‘उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन 2023’ का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की धरती अपने सांस्कृतिक वैभव, गौरवशाली इतिहास और समृद्ध विरासत के लिए जानी जाती है. इतना सामर्थ्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश के बारे में लोग कहते थे कि उत्तर प्रदेश का विकास होना मुश्किल है, यहां कानून व्यवस्था सुधरना नामुमकिन है. ’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ उप्र ‘बीमारू राज्य’ कहलाता था, यहां आए दिन हजारों करोड़ के घोटाले होते थे . हर कोई उप्र से अपनी उम्मीदें छोड़ चुका था. लेकिन सिर्फ पांच छह साल के भीतर उत्तर प्रदेश ने अपनी एक नयी पहचान स्थापित की है. अब उत्तर प्रदेश को सुशासन से पहचाना जा रहा है. अब उत्तर प्रदेश की पहचान बेहतर कानून व्यवस्था, शांति और स्थिरता के लिए है. अब यहां संपदा सृजकों के लिए नित्य नये अवसर बन रहे है.” उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में आधुनिक आधारभूत सरंचना के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में बिजली से लेकर कनेक्टिविटी तक हर क्षेत्र में सुधार आया है और बहुत जल्द उत्तर प्रदेश देश को एक ऐसे इकलौते राज्य के तौर पर भी जाना जाएगा, जहां पांच अन्तरराष्ट्रीय हवाई अडडे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्मिपत माल ढुलाई गलियारे से उत्तर प्रदेश सीधे समुद्र से यानी गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से जुड़ रहा है. उनका कहना था कि राज्य में सरकारी सोच और दृष्टिकोण में व्यापार सुगमता के लिए सार्थक बदलाव आया है. देश विदेश के उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘भारत अगर आज दुनिया के लिए उज्ज्वल बिन्दु है तो उत्तर प्रदेश भारत के विकास को गति देने वाला राज्य है. एक तरफ ‘डबल इंजन’ सरकार का इरादा और दूसरी तरफ संभावनाओं से भरा उत्तर प्रदेश, इससे बेहतर साझेदारी हो ही नहीं सकती. यह जो समय है, उसे हमें गंवाना नहीं चाहिए. भारत की समृद्धि में दुनिया की समृद्धि निहित है.

भारत के उज्ज्वल भविष्य में दुनिया के उज्ज्वल भविष्य की गांरटी निहित है. समृद्धि की इस यात्रा में आप सबकी भागीदारी बहुत ही महत्वपूर्ण है.’’ वाराणसी के सांसद के नाते अतिथियों का स्वागत करते हुए मोदी ने कहा,”मत भूलिए कि आज आप जिस राज्य में बैठे हैं, उसकी आबादी करीब-करीब 25 करोड़ है. दुनिया के बड़े-बड़े देशों से भी ज्यादा सामर्थ्य, अकेले उत्तर प्रदेश में है. पूरे भारत की तरह ही आज उत्तर प्रदेश में बड़ी आकाक्षांओं वाला एक समाज आपका इंतजार कर रहा है.”

मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं एवं समाज की सोच और आकाक्षांओं में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत का हर नागरिक ज्यादा से ज्यादा विकास होते देखना चाहता है.’’ उन्होंने कहा,”मुझे खुशी है कि नए मूल्य एवं आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए उत्तर प्रदेश आज एक नया चैंपियन बनकर उभर रहा है. परंपरा और आधुनिकता से जुड़े उद्योगों का, लघु मध्यम और सूक्ष्म उद्योगो का एक बहुत ही सशक्त नेटवर्क आज उत्तर प्रदेश में जीवंत है. यहां भदोही के कालीन और बनारसी सिल्क है. भदोही कार्पेट क्लस्टर और वाराणसी सिल्क क्लस्टर की वजह से उत्तर प्रदेश भारत का कपड़ा उद्योग केंद्र है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘ आज, भारत में 60 प्रतिशत से भी ज्यादा मोबाइल अकेले उत्तर प्रदेश में बनते है. मोबाइल उपकरणों का सबसे ज्यादा विनिर्माण भी उत्तर प्रदेश में ही होता है. अब देश के दो रक्षा गलियारो में से एक उत्तर प्रदेश में बन रहा है. भारत में निर्मित रक्षा उपकरणों की मांग निरंतर बढ़ रही है. भारतीय सेना को भी हम अधिक से अधिक भारत में निर्मित रक्षा प्रणाली एवं रक्षा मंच देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. ” उत्तर प्रदेश में दुग्ध उद्योग, मत्स्य पालन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अनेक संभावनाओं तथा फल एवं सब्जियों की विविधता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री का कहना था कि यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें अभी भी निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बहुत सीमित है.

उन्होंने कहा कि ‘श्री अन्न’ के नाम से जाने जाने वाले भारत के मोटे अनाज को देशभर में प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने मोटे अनाज के लाभों का भी जिक्र किया. मोदी ने कहा,”भारत में एक और नया अभियान हमारे मोटे अनाज को लेकर शुरू हुआ है. विश्व बाजार में उसकी एक पहचान बने, इसके लिए बजट में हमने मोटे अनाज को एक नया नाम दिया है- श्री अन्न. उसमें पोषकता बहुत अधिक है. जैसा श्रीफल का माहात्म्य है, वैसा ही श्री अन्न का भी माहात्म्य बनने वाला है. हमारा यह प्रयास है कि भारत का ‘श्री अन्न’ वैश्विक पोषण सुरक्षा प्रदान करे .

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ग्लोबल ट्रेड शो’ और ‘इन्वेस्ट यूपी 2.0’ की भी शुरुआत की. इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ ंिसह और राज्य की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे. इससे पहले उद्योगपति मुकेश अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला और एन चंद्रशेखरन ने भी समारोह को संबोधित किया. सरकारी बयान के मुताबिक यह शिखर सम्मेलन 12 फरवरी 2023 तक चलेगा. यह राज्य सरकार का प्रमुख निवेशक शिखर सम्मेलन है.

यह सम्मेलन सामूहिक रूप से व्यापार के अवसरों का पता लगाने और साझेदारी बनाने पर विचार के वास्ते नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, ंिथक-टैंक और दुनिया भर के नेताओं को एक मंच प्रदान करेगा.

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