भारतीय दल की क्षमता दर्शाता है तुर्किये में कम समय में अस्थायी अस्पताल स्थापित करना: जनरल पांडे

नयी दिल्ली. सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने मंगलवार को कहा कि सेना को भूकंप प्रभावित तुर्किये को मानवीय सहायता व राहत प्रदान करने के लिए अपने चिकित्सा दल पर गर्व है. उन्होंने कहा कि थोड़े समय में एक अस्थायी अस्पताल स्थापित करने से इस दल की उत्कृष्ट अभियानगत तैयारियों की बानगी मिलती है. भूकंप प्रभावित तुर्किये के इस्केंदरुन क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों की मदद करने के बाद देश लौटे भारतीय सेना के चिकित्सा दल के सदस्यों से बातचीत के बाद सेना प्रमुख ने यह बात कही.

दिल्ली छावनी स्थित सेना अस्पताल के परिसर में नालंदा आॅडिटोरियम में समारोह आयोजित किया गया. जनरल पांडे ने कहा, ‘‘हमें तुर्किये में भूकंप प्रभावित लोगों को मानवीय सहायता तथा आपदा राहत पहुंचाने के लिए हमारे चिकित्सा दल पर गर्व है.’’ इस अस्थायी अस्पताल में करीब 3,600 लोगों का उपचार किया गया, कई बड़ी-छोटी सर्जरी की गयी. भारत ने तुर्किये और सीरिया के अनेक हिस्सों में छह फरवरी को आये विनाशकारी भूकंप के बाद उन्हें सहायता पहुंचाने के लिए ‘आॅपरेशन दोस्त’ शुरू किया था. भूकंप से 30,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

जनरल पांडे ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारतीय सेना के चिकित्सा दल ने बहुत कम समय में इस्केंदरुन क्षेत्र में 30 बिस्तर का एक अस्थायी अस्पताल स्थापित कर दिया. समय पर लिये गये फैसले और सभी हितधारकों के बीच उत्कृष्ट समन्वय के कारण यह तुर्किये पहुंचने वाले शुरुआती चिकित्सा दलों में शामिल था.’’ उन्होंने कहा कि छह घंटे के संक्षिप्त नोटिस पर अस्पताल को तुर्किये पहुंचाया गया और आठ फरवरी को अडाना एयरफील्ड में उतारा गया.

सेना ने पहले ट्वीट किया था, ‘‘ इस्केंदरुन, हाते में भारतीय सेना के चिकित्सा केंद्र ने स्थानीय लोगों की सराहना और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपनी सेवाएं समाप्त कीं. भूकंप प्रभावित तुर्किये में अपने निस्वार्थ प्रयासों के बाद 60 पैरा फील्ड अस्पताल का दल भारत लौटेगा.’’ चिकित्सा दल ने सात से 19 फरवरी तक तुर्किये के भूकंप प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई.

जनरल पांडे ने कहा, ‘‘तुर्किये में इतने कम समय में अस्थायी अस्पताल स्थापित करने से हर समय उनकी उत्कृष्ट अभियान संबंधी तैयारियों की बानगी मिलती है.’’ जनरल पांडे ने कहा कि भारतीय चिकित्सा दल तुर्किये के नागरिकों द्वारा दिये गये सहयोग के लिए उनकी सराहना करता है. इस मौके पर तुर्किये में सेना के चिकित्सा दल की तस्वीर वाला विशेष केक भी काटा गया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंिरदम बागची ने सोमवार को ट्वीट किया था, ‘‘151 एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) र्किमयों और श्वान दस्तों की तीन टीम ने भूकंप प्रभावित तुर्किये की मदद की.’’ उन्होंने कहा, ‘‘टीम ने नूरदागी और अंताक्या के 35 स्थलों पर जीवित लोगों का पता लगाने सहित खोज, बचाव और राहत अभियान चलाया.’’

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