नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने बृहस्पतिवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) पर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाते हुए नए सिरे से मतदान कराने की मांग की.
भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने पार्टी के ही अन्य सांसद मनोज तिवारी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि भाजपा पार्षदों की आपत्ति के बावजूद, ‘आप’ की नव-निर्वाचित महापौर शैली ओबेरॉय ने मतदान के दौरान सदस्यों को मतदान क्षेत्र में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति दी.
मतदान बुधवार शाम को शुरू हुआ था लेकिन भाजपा पार्षदों द्वारा महापौर के फैसले का विरोध करने के बाद प्रक्रिया बाधित हुई. उस समय महापौर सदन की अध्यक्षता कर रही थीं. दिल्ली भाजपा के प्रदेश सचिव हर्ष मलहोत्रा ने कहा कि ‘आप’ ने छह सदस्यीय समिति के लिये चार उम्मीदवार खड़ा किए थे जबकि भाजपा ने तीन उम्मीदवार उतारे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ को डर था कि संख्या बल नहीं होने की वजह से उसका एक उम्मीदवार हार जाएगा, इसलिए उसके पार्षदों ने सदन में ‘हंगामा शुरू’ किया.
प्रवेश वर्मा ने यह दावा भी किया कि एमसीडी के सचिव ने अधिकारियों को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में भी नए सिरे से मतदान कराने की सिफारिश की है. उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर ने ‘आप’ पार्षदों की ‘क्रॉस वोंिटग’ पर नजर रखने के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल की अनुमति दी.
उन्होंने कहा कि इससे पहले महापौर के चुनाव के दौरान ‘आप’ पार्षद मुकेश गोयल ने मांग की थी कि मतदान के दौरान मोबाइल फोन या कलम ले जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जिसे पीठासीन अधिकारी सत्य शर्मा ने स्वीकार कर लिया था. वर्मा ने दावा किया कि वोट डालने वाले ‘आप’ पार्षद तस्वीरें खींचकर पार्टी नेताओं अरंिवद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को भेज रहे थे.
भाजपा नेताओं ने एमसीडी सदन की कथित तस्वीर संवाददाता सम्मेलन में दिखाई और दावा किया कि ‘आप’ पार्षद देवेंद्र कुमार, भाजपा पार्षद प्रमोद गुप्ता को ‘थप्पड़’ मारते दिख रहे हैं. रात भर कई बार के स्थगन के बाद एमसीडी सदन की कार्यवाही को स्थायी समिति के सदस्यों का चयन किए बिना बृहस्पतिवार सुबह दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया.
उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि आप के नेतृत्व को अपने पार्षदों द्वारा क्रॉस वोंिटग किए जाने की आशंका थी और इसलिए उसके महापौर ने वोट डालने के दौरान मोबाइल फोन की अनुमति दी. तिवारी ने ‘आप’ पार्षदों पर गुंडागर्दी करने का भी आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, ‘‘स्थायी समिति के चुनाव के दौरान हंगामा करना आम आदमी पार्टी की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था. चुनाव प्रक्रिया उचित नहीं थी क्योंकि मतदान के दौरान गोपनीयता के नियम का उल्लंघन ‘आप ’पार्षदों ने मतदान के दौरान मोबाइल फोन ले जाकर किया.’’ उन्होंने कहा कि भाजपा, स्थायी समिति के चुनाव में पार्षदों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति देने के महापौर के फैसले का विरोध करती रहेगी.
तिवारी ने आप पार्षदों की ‘‘गुंडागर्दी’’ के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उन्होंने बुधवार को महापौर पद के चुनाव में भाजपा की हार के बाद ट्वीट करके इसे ‘‘गुंडों की हार’’ बताया था, जिससे ‘आप’ पार्षदों को उकसावा मिला.
उन्होंने दावा किया कि ‘आप’ पार्षदों द्वारा एमसीडी सदन में जो अनियंत्रित दृश्य उत्पन्न किया गया वह अकल्पनीय है और ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया. इस बीच, वर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव के लिए कुल 55 मतपत्र वितरित किए गए थे, जिनमें से 45 मतपत्र वोट डालने के लिए इस्तेमाल किए गए थे, जबकि शेष की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि किसी भाजपा पार्षद की उपस्थिति के बिना ही महापौर के निर्देश के बाद मतपेटी को सील कर दिया गया.