नयी दिल्ली/वायनाड. लंदन में भारतीय लोकतंत्र के संबंध में राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणी को लेकर जहां संसद के दोनों सदनों में हंगामा बरपा हुआ है, वहीं केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर भी जंग तेज हो गई है. भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सोमवार को राहुल गांधी की देशभक्ति को लेकर सवाल उठाए गए और इसके परिप्रेक्ष्य में उनकी कुछ पुरानी तस्वीरों का एक कोलॉज भी जारी किया गया है.
ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन, कन्याकुमारी के पादरी जार्ज पोन्नैया, चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच कथित समझौते पर हस्ताक्षर करने की तस्वीरें साझा करते हुए भाजपा ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी हूं. देशभक्त नहींङ्घ .’’ भाजपा ने इसे कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रविवार को किए गए उस ट्वीट से भी टैग किया जिसमें विपक्षी पार्टी ने कहा था कि राहुल गांधी ‘‘सावरकर’’ नहीं है जो माफी मांग लेंगे.
राहुल गांधी से दिल्ली पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बीच रविवार को कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी की एक तस्वीर ट्वीट की और कहा, ‘‘सावरकर समझा क्या… नाम – राहुल गांधी है.’’ इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कानून मंत्री एवं भाजपा नेता किरेन रीजीजू ने ट्वीट किया था, ‘‘कृपया महान आत्मा वीर सावरकर का अपमान न करें. हाथ जोड़कर विनती करता हूं.’’
संसद के बजट सत्र में विगत सोमवार को दूसरे चरण के प्रारंभ से ही भाजपा राहुल गांधी द्वारा भारत के लोकतंत्र के बारे में लंदन में दिए गए बयान पर माफी मांगने की मांग पर अड़ी हुई है जबकि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल अडाणी समूह से जुड़े मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने पर जोर दे रहे हैं. विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे के कारण पूरा सप्ताह लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही बाधित रही और अन्य कामकाज भी नहीं हो सका. आज भी दोनों सदनों में इन मुद्दों पर कोई कामकाज नहीं हो सका.
ज्ञात हो कि हाल ही में लंदन में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारतीय लोकतंत्र के ढांचे पर ‘‘बर्बर हमला’’ हो रहा है. उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा था कि अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के लोकतांत्रिक हिस्से इस पर ध्यान देने में नाकाम रहे हैं.
राहुल ने व्याख्यान में यह आरोप भी लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट कर रहे हैं.
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की इन टिप्पणियों से देश में एक नया राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है. भाजपा जहां उन पर विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करने और विदेशी हस्तक्षेप की मांग करने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विदेशों में भारत की आंतरिक राजनीति का मुद्दा उठाने के उदाहरणों का हवाला देते हुए सत्तारूढ़ पार्टी पर पलटवार कर रही है.
पुलिस, मुकदमों से मुझे भयभीत नहीं किया जा सकता : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि वह अपने ऊपर बार-बार होने वाले राजनीतिक हमलों, उनके घर पुलिस भेजे जाने या उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए जाने से भयभीत नहीं हो सकते, क्योंकि वह सच्चाई में विश्वास करते हैं और हमेशा इसके साथ खड़े रहे हैं.
रविवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी के बयान ‘महिलाओं का अभी भी यौन उत्पीड़न हो रहा है’ के बारे में पूछताछ करने के लिए उनके आवास पर पहुंची थी, जिसके अगले दिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की यह टिप्पणी आई है.
वायनाड के सांसद गांधी जिले के कई परिवारों को प्रदान किए गए नए घरों की चाबियां सौंपने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे.
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘बहुत से लोग प्रधानमंत्री, भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और पुलिस से डर सकते हैं, लेकिन मैं भयभीत नहीं हूं . मैं उनसे जरा भी नहीं डरता और यह उनकी समस्या है. उनकी समस्या यह है कि मैं क्यों नहीं डरता. इसका कारण है कि मैं सच्चाई में विश्वास करता हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुझ पर कितने हमले किए जाते हैं, मेरे घर कितनी बार पुलिस भेजी जाती है या मुझ पर कितने मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, मैं हमेशा सच्चाई के लिए खड़ा रहता हूं. मैं ऐसा ही हूं.’’