नयी दिल्ली. कांग्रेस ने राहुल गांधी पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के हमले को लेकर पलटवार करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि वह ललित मोदी और नीरव मोदी का बचाव तथा जातिगत राजनीति का प्रयोग कर रहे हैं जो शर्मनाक है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए यह भी कह कि ‘मनु की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोग’ अन्य पिछड़गे वर्गों के कल्याण की बात कर रहे हैं.
खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कौन इस देश के पैसे लेकर भाग गए और कौन एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) और एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) के पैसे लेकर अमीर बने, ढाई साल में 12 लाख करोड़ रुपये किसने कमाया? इसका जवाब दीजिए. मुद्दे को भटकाने का प्रयास मत करिये.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), एससी (अनुसूचित जाति), एसटी (अनुसूचित जनजाति) और अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी रही है और उनके कल्याण के लिए काम किया. जो लोग मनु की विचारधारा में विश्वास रखते हैं वे क्या ओबीसी की बात करते हैं?’’’’
खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) से भाग नहीं सकती ! पंजाब नेशनल बैंक व जनता के पैसे लेकर नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चौकसी भागे ! ओबीसी वर्ग तो नहीं भागा, फिर उनका अपमान कैसे हुआ? स्टेट बैंक और एलआईसी को नुकÞसान आपके ‘‘परम मित्र’’ ने पहुंचाया !’’
खरगे ने कहा, ‘‘एक तो ‘‘चोरी’’ में सहयोग, फिर जातिगत राजनीति का प्रयोग ! शर्मनाक!’’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘जेपी नड्डा हमेशा की तरह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं. वे ऐसा करके नीरव मोदी और ललित मोदी का बचाव कर रहे हैं. इस सच को सामने आना ही था और अब आ गया है.’’ उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘आपकी ईमानदारी के लिए धन्यवाद नड्डा जी. अब कृपया अडाणी पर भी थोड़ी ईमानदारी दिखाएं.’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ठोस राजनीतिक विमर्श लोकतंत्र का सार होता है. लोकतांत्रिक विपक्ष की प्रमुख आवाज को खामोश करने के लिए कानून का उपयोग ऐसे नहीं होना चाहिए.’’ उल्लेखनीय है कि नड्डा ने सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के अगले दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर शुक्रवार को निशाना साधा और कहा कि उनका ‘‘अहंकार बहुत बड़ा और समझ बहुत छोटी’’ है.
नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए पूरे ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समाज का अपमान किया और उन्हें “चोर” कहा. उन्होंने कहा, “समाज और अदालत द्वारा बार-बार समझाने और माफÞी मांगने के विकल्प को भी उन्होंने (राहुल ने) नजÞरअंदाजÞ किया और ओबीसी समाज की भावना को लगातार ठेस पहुंचाई.”