अमृतपाल ने अपने भाषणों के जरिए सिखों को भड़काने की कोशिश की : अधिकारी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 24 Mar 2023 08:31 PM
अमृतपाल ने अपने भाषणों के जरिए सिखों को भड़काने की कोशिश की : अधिकारी
ऑडियो सुनें

चंडीगढ़/बहराइच. खालिस्तान समर्थक अमृतपाल ंिसह अपने और समर्थकों के खिलाफ पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई शुरू किए जाने से पूर्व 10 दिन में पांच कार्यक्रमों में शामिल हुआ और इनमें उसने सिखों को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश की तथा 800-1000 लोगों को कुर्बानी देने के लिए तैयार रहने को कहा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

उन्होंने दावा किया कि कट्टरपंथी उपदेशक की भड़काऊ गतिविधियों ने समाज के ताने-बाने को कमजोर करने के उसके सुनियोजित प्रयासों को प्रर्दिशत किया. अधिकारियों ने कहा कि अमृतपाल ने अपने भाषणों और धर्मोपदेशों के दौरान आरोप लगाया कि सरकार सिखों को उनके हथियारों के लाइसेंस को रद्द कर निहत्था करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.

पिछले साल ‘वारिस पंजाब दे’ के संस्थापक अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू की मृत्यु के बाद अमृतपाल संगठन का प्रमुख बना था. राज्य में 18 मार्च को पुलिस द्वारा अमृतपाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू करने और उसके कई समर्थकों को गिरफ्तार किए जाने के बाद से उपदेशक फरार है.

उपदेशक और उसके समर्थकों द्वारा गिरफ्तार एक सहयोगी की रिहाई के लिए 23 फरवरी को अमृतसर के पास अजनाला थाना पर धावा बोलने के कुछ हफ्तों बाद यह कार्रवाई शुरू की गई. अजनाला प्रकरण से पाकिस्तान की सीमा से लगे पंजाब में खालिस्तानी उग्रवाद की वापसी की आशंका जताई गई.

अधिकारियों ने कहा कि उपदेशक ने कथित तौर पर पंजाब की आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘‘खालसा शासन’’ हासिल करने को लेकर युवाओं को एकजुट होने के लिए उकसाया. उन्होंने कहा कि अजनाला की घटना ने राज्य में खालिस्तानी उग्रवाद के फिर से जड़ें जमाने की आशंकाओं को जगा दिया. उन्होंने कहा कि अमृतपाल ंिसह का इरादा पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करना था और यह बंिरदर ंिसह के अपहरण और हमले से स्पष्ट है.

बंिरदर ंिसह ने अपनी शिकायत में पुलिस से कहा था कि अमृतपाल के सहयोगियों ने अजनाला से उनका अपहरण कर लिया था और अज्ञात जगह ले जाकर उनसे मारपीट की गई. दुबई में रह चुके अमृतपाल के समर्थकों ने आरोपी तूफान ंिसह की रिहाई के लिए थाने पर धावा बोला था. अधिकारियों के अनुसार, अजनाला की घटना के दौरान, उसने खुले तौर पर अधिकारियों को चुनौती दी. घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे.

अधिकारियों ने कहा कि कि अमृतपाल ने अन्य धर्मों को निशाना बनाने वाले भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतपाल ने ंिहसा और हथियार की संस्कृति को भी बढ़ावा दिया, तथा अपने घातक एजेंडे के लिए युवाओं का शोषण किया एवं अपना निजी मिलिशिया ‘आनंदपुर खालसा फौज’ बनाया.

इससे पहले, अधिकारियों ने कहा था कि भगोड़ा उपदेशक नशा करने वालों और असंतुष्ट पूर्व सैनिकों का गिरोह बनाना चाहता था, जिसे आसानी से आतंकवादी संगठन में बदला जा सकता था. अधिकारियों ने जोर दिया कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई नहीं की गई होती, तो ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्य बच जाते.

SSB ने कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल और उसके साथियों के पोस्टर नेपाल सीमा पर चस्पा किए

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों के पड़ोसी देश नेपाल भागने की आशंका के बीच अलर्ट जारी करते हुए बहराइच जिले की रुपईडीहा सीमा पर जगह-जगह अमृतपाल व उसके दो साथियों की तस्वीर लगे पोस्टर चस्पा किए हैं.

एसएसबी की 42वीं बटालियन के कमांडेंट तपन दास ने शुक्रवार को बताया कि ‘‘पंजाब पुलिस द्वारा वांछित फरार अपराधी अमृतपाल सिंह को पकड़ने की कवायद हर तरफ चल रही है. खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि भारत और नेपाल की खुली सीमा से अमृतपाल सिंह नेपाल भी जा सकता है. इस आशंका के चलते सीमा पर अलर्ट जारी किया गया है.”

उन्होंने बताया कि रूपईडीहा में सीमा पर उसकी तस्वीरों वाले पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं और सीमा पर लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि एसएसबी र्किमयों के मोबाइल फोन पर ‘फेस रीडिंग’ (चेहरे की पहचान करने वाली) सुविधा वाले हाईटेक कैमरों में अमृतलाल के सभी संभावित फोटो अपलोड किए गए हैं. सीमा पर तैनात सभी र्किमयों के मोबाइल पर अमृतपाल के दाढ़ी और बिना दाढ़ी वाले कई तरह के फोटो भेजे गए हैं जिससे वह हुलिया बदल कर सीमा न पार कर सके.

उल्­लेखनीय है कि पंजाब पुलिस ने गत शनिवार को कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी. हालांकि, उपदेशक पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा.

अमृतपाल की आखिरी ‘‘लोकेशन’’ कुरुक्षेत्र जिले में मिलने के बाद हरियाणा पुलिस सतर्क

हरियाणा पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि कट्टरपंथी अलगाववादी अमृतपाल सिंह का अंतिम ठिकाना (लोकेशन) कुरुक्षेत्र जिले में मिलने के बाद राज्य भर में चौकसी बढ़ा दी गई है और पुलिस र्किमयों को ‘अलर्ट’ पर रखा गया है. हालांकि, अमृतपाल एवं उसके सहयोगी पपलप्रीत सिंह का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है. उन्हें 19 मार्च को कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में एक महिला ने कथित तौर पर अपने घर में शरण दी थी.

पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा था, “जैसे ही हमें जानकारी मिली कि वह पंजाब से बाहर भाग गया है, हमने तुरंत अन्य राज्यों को सतर्क कर दिया.” हरियाणा की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ममता सिंह ने शुक्रवार को कहा कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि अमृतपाल शाहाबाद से कहां गया. उन्होंने फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा, ”अभी तक कोई अन्य जानकारी नहीं है. हालांकि, हम चौकस हैं और नजर रख रहे हैं.”

अमृतपाल और उसके सहयोगी को कुरुक्षेत्र जिले में अपने घर पर कथित तौर पर शरण देने वाली महिला बलजीत कौर को गुरुवार को हिरासत में ले लिया गया. पंजाब पुलिस कौर से पूछताछ कर रही है. अतिरिक्त डीजीपी (कानून व्यवस्था) ममता सिंह ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने अमृतपाल और उसके सहयोगी को शरण देने वाली महिला की जानकारी मिलने के तुरंत बाद इसे पंजाब में अपने समकक्ष के साथ साझा किया.

बृहस्पतिवार को एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया जिसमें अमृतपाल को हरियाणा के शाहाबाद में देखा गया. वह कमीज और पतलून में था. उसके पास एक छाता भी था. हरियाणा पुलिस के सूत्रों ने बताया कि बाद में एक अन्य फुटेज भी सामने आया जो 20 मार्च का है. इसमें छाता के साथ अमृतपाल को शाहाबाद बस स्टैंड के सामने एक सड़क पर देखा जा सकता है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu