नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी वाद्रा का यह ‘‘अहंकार’’ ही है जिसके चलते उन्होंने अपने परिवार की तुलना भगवान राम के वंश से की. लोकसभा के सदस्य के रूप में राहुल गांधी को अयोग्य घोषित किए जाने के विरोध में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी वाद्रा ने कांग्रेस को ‘‘वंशवादी’’ पार्टी बताने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की थी.
उन्होंने पूछा था, ‘‘ वे हम पर वंशवाद का आरोप लगाते हैं… तो भगवान राम क्या थे? जब उन्हें वनवास हुआ तब भी उन्होंने अपने परिवार और मातृभूमि के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा किया. क्या यह वंशवाद था? क्या पांडव वंशवाद को बढ़ावा दे रहे थे?’’ भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भगवान राम और गांधी परिवार की तुलना करने से दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा, ‘‘ हे प्रभु . भारत के लिए यही दिन देखना रह गया था. एक परिवार जो खुद को लोकतंत्र, संसद और देश से ऊपर मानता है, वह खुद की तुलना भगवान राम के साथ कर रहा है.’’ ठाकुर ने प्रियंका की रैली में की गई टिप्पणियों पर पूछे गए सवाल पर संसद के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह भाई और बहन का अहंकार है. पूरा देश देख रहा है. देश की तो बात ही छोड़िए, अब ये भगवान राम को भी नहीं बख्श रहे हैं.’’ इससे पहले, ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘‘दूर-दूर तक’’ भी कभी वीर सावरकर नहीं बन सकते क्योंकि इसके लिए दृढ़ संकल्प और देश के प्रति प्रेम होना चाहिए.
राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि सावरकर ब्रिटिश उपनिवेशवादियों के ‘‘समर्थक’’ थे और वह (राहुल) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करने के लिए कभी भी खेद व्यक्त नहीं करेंगे. ठाकुर ने इन दावों के संदर्भ में रविवार को ट्वीट किया, ‘‘ प्रिय श्री गांधी, आप सपने में भी कभी सावरकर नहीं हो सकते क्योंकि सावरकर होने के लिए दृढ़ संकल्प, भारत के लिए प्यार, निस्वार्थता और प्रतिबद्धता की जरूरत होती है.’’
ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी दूर-दूर तक भी कभी सावरकर नहीं हो सकते क्योंकि स्वतंत्रता सेनानी ने न तो साल में छह महीने विदेश यात्रा की और न ही अपने देश के खिलाफ विदेशियों से मदद मांगी. सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा, ‘‘ वह भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने के लिए एक आंदोलन शुरू करने के वास्ते ब्रिटेन गए थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वीर सावरकर जी के खिलाफ लगातार गलत बयान देने वाले झूठ के मास्टर राहुल गांधी को बेनकाब करने का समय आ गया है.’’ ठाकुर ने सावरकर की जन्म शताब्दी के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लिखा गया एक पत्र भी ट्विटर पर साझा किया.
इंदिरा गांधी ने 20 मई 1980 को लिखे इस पत्र में कहा था, ‘‘ ब्रिटिश सरकार के खिलाफ साहस दिखाने वाले वीर सावरकर का हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में अपना महत्वपूर्ण स्थान है. मैं भारत के इस उल्लेखनीय सपूत की जन्म शताब्दी मनाने की योजना के सफल होने की कामना करती हूं.’’ ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान सावरकर पर एक वृत्तचित्र जारी किया था ताकि ‘‘राष्ट्र के लिए उनकी वीरता, बलिदान और निस्वार्थ सेवा को स्वीकार किया जा सके.’’ मंत्री ने ‘‘भगत सिंह की जेल नोटबुक’’ के अंश भी साझा किए जिसमें क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी ने सावरकर द्वारा लिखित पुस्तकों से ‘नोट्स’ बनाए थे.
भाजपा के नेता ने कहा ‘‘यहां तक कि कांग्रेस ने 1923 में अपने काकीनाडा अधिवेशन में सावरकर के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया था.’’ उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन में सावरकर के योगदान को स्वीकार करने के लिए एक डाक टिकट भी जारी किया था.
ठाकुर ने कहा, ‘‘ जरा सोचिए, एक ऐसा व्यक्ति जिसकी दादी ने महान व्यक्तित्व वीर सावरकर का सम्मान किया और उस युग के किसी भी महापुरुष ने उनके बारे में कभी बुरा नहीं कहा. ये सब बातें कहकर राहुल गांधी केवल सावरकर का ही नहीं, बल्कि अपनी दादी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह और यहां तक कि (महात्मा) गांधी जी का भी अपमान कर रहे हैं.’’
गांधी परिवार खुद को ‘‘सबसे अलग, संविधान से ऊपर’’ मानता है: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह खुद को ‘‘सबसे अलग, कुलीन व संविधान से ऊपर’’ मानता है. राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता के अयोग्य ठहराए जाने के बाद से विपक्षी दल कांग्रेस ने देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का आ’’ान किया है.
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि न तो भाजपा और न ही सरकार का, मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वायनाड के सांसद को अयोग्य घोषित किए जाने से कोई लेना-देना है. शेखावत ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिस तरह से कांग्रेस के नेता एक न्यायिक व कानूनी कवायद पर हल्ला मचा रहे हैं, उससे पता चलता है कि वे गांधी परिवार को भारत की न्यायिक प्रक्रिया, संविधान व लोकतांत्रिक व्यवस्था से ऊपर मानते हैं.
राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले सांसद शेखावत ने कहा कि सूरत की अदालत ने गांधी को कई मौके दिए, जिसमें ‘‘मोदी उपनाम’’ पर उनकी टिप्पणी के लिए माफी मांगने का मौका भी शामिल है, लेकिन उन्होंने यह सोचकर इनकार कर दिया कि न्यायपालिका उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ फैसला देने की ‘‘हिम्मत’’ नहीं करेगी.
उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून ने अपना काम किया है एवं न तो भाजपा का और न ही सरकार का इससे कोई लेना-देना है.
शेखावत ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार खुद को ‘‘सबसे अलग, कुलीन और संविधान से ऊपर’’ मानता है. उन्होंने कहा कि इस तरह किसी सांसद को अयोग्य ठहराने के मामले में लोकसभा के पास कोई विवेकाधीन अधिकार नहीं है.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने लोकतंत्र के खतरे में होने का दावा किया है, वे न्यायिक फैसले और वैध कार्रवाई के खिलाफ सड़क पर विरोध-प्रदर्शन कर लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान कर रहे हैं.
राहुल गांधी द्वारा संवाददाता सम्मेलन में एक पत्रकार का मजाक उड़ाने की कथित घटना का जिक्र करते हए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ वह देश का अपमान करने का और लोकतंत्र के विभिन्न स्तंभों से खुद को ऊपर दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते.’’ शेखावत ने कहा, ‘‘ उनके जैसे लोग लोकतंत्र के लिए खतरा हैं क्योंकि वे खुद को सर्वोपरि समझते हैं.’’