नयी दिल्ली/शिमला. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सवाल किया कि अडाणी समूह में जनता के पैसे का निवेश क्यों किया जा रहा है और सरकार इसकी जांच कराने से डर क्यों रही है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘एलआईसी की पूंजी, अडाणी को! एसबीआई की पूंजी, अडाणी को! ईपीएफओ की पूंजी भी, अडाणी को! ‘मोडानी’ के खुलासे के बाद भी, जनता के रिटायरमेंट का पैसा अडानी की कंपनियों में निवेश क्यों किया जा रहा है?’’ राहुल गांधी ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री जी, न जांच, न जवाब! आख़रि इतना डर क्यों?’’
कांग्रेस अमेरिकी वित्तीय शोध संस्था ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ की रिपोर्ट आने के बाद से अडाणी समूह और प्रधानमंत्री पर लगातार हमले कर रही है. हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह के खिलाफ फर्जी तरीके से लेन-देन और शेयर की कीमतों में हेर-फेर सहित कई आरोप लगाए थे. अडाणी समूह ने इन आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा था कि उसने सभी कानूनों और प्रावधानों का पालन किया है.
राहुल गांधी की अयोग्यता की त्वरित घोषणा केन्द्र की साजिश: आनंद शर्मा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से जल्दीबाजी में अयोग्य घोषित किया जाना केन्द्र की साजिश है. पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को संसद में बोलने का पूरा अधिकार है. आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविन्दर ंिसह सुक्खू से मिलने आए शर्मा ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया और कहा कि निचली अदालत का फैसला ऊपरी अदालत में नहीं टिकेगा और कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ राजनीतिक एवं कानूनी लड़ाई लड़ेगी.
बाद में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने का राहुल गांधी का निडर अभियान केन्द्र सरकार के लिए रोड़ा बन रहा था और लोकसभा की सदस्यता से उन्हें अयोग्य घोषित करने का फैसला उनकी आवाज को दबाने का प्रयास है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केन्द्र की गलतियों के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की. उन्होंने कहा कि देश के अगले चुनाव में जनता भाजपा को उचित जवाब देगी. उन्होंने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने और लोकतंत्र को बचाने की अपील की.