राष्ट्रपति ने भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने की वकालत की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 03 Apr 2023 08:50 PM
राष्ट्रपति ने भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने की वकालत की
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने के महत्व को रेखांकित करते हुए सोमवार को कहा कि भारत की भाषाओं को प्रोत्साहित करके विश्व स्तरीय नये ज्ञान एवं विज्ञान का सृजन संभव है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति की सराहना की. उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने डिग्रियां, र्सिटफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त किये हैं, उनमें से 55 प्रतिशत महिलाएं हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे इस बात की खुशी है कि विश्वविद्यालय में डिग्रियां, र्सिटफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त करने वालों में 55 प्रतिशत लड़कियां हैं. आज स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में आधे से अधिक लड़कियां हैं.’’ मुर्मू ने कहा, ‘‘ उच्च शिक्षा तक पहुंच’ को बढ़ावा देने में इग्नू की सराहनीय भूमिका रही है. मुझे यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई है कि कुल विद्यार्थियों में से करीब 50 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश से हैं, तथा 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं.’’ राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की प्रगति को देखकर उन्हें काफी प्रसन्नता हो रही है.

सोमवार को इग्नू के 2,79,918 छात्रों ने डिग्रियां, र्सिटफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त किए. मुर्मू ने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर 50 प्रतिशत हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही भारतीय भाषाओं में शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस शिक्षा नीति में अन्य महत्वपूर्ण सुझावों के साथ साथ भारतीय परंपराओं के प्रति गौरव का अनुभव करने तथा भारतीय भाषाओं को अध्ययन का माध्यम बनाने पर जोर दिया गया है.

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने से बड़े पैमाने पर विश्व स्तरीय नवीन ज्ञान-विज्ञान का सृजन संभव हो सकेगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि इग्नू के शिक्षक ‘स्वयंप्रभा’ चैनलों और अन्य आॅनलाइन माध्यमों से हिन्दी और अंग्रेजी के अतिरिक्त अनेक भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं.’’ मुर्मू ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि वर्तमान में 35 लाख से अधिक छात्र इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्रापत कर रहे हैं, इसमें 40 अन्य देशों के विद्यार्थी भी शामिल हैं.

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ शिक्षा की ज्योति से, अंधकार में प्रकाश फैलता है. मुझे यह जानकर विशेष प्रसन्नता हो रही है कि हजारों कैदी भी इग्नू से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. यह शिक्षा, कैदियों के पुनर्वास तथा कारावास से निकलने के बाद, एक बेहतर ंिजदगी शुरू करने में उनके लिए सहायक होगी.’’ उन्होंने कहा कि बहुत से विद्यार्थियों को, अपनी जिम्मेदारियों’ और परिस्थितियों’ की वजह से उच्च शिक्षा जारी रखने में कठिनाई होती है. राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने में इग्नू जैसे संस्थान मदद कर रहे हैं और इस प्रकार, दूरस्थ शिक्षा की व्यापक सामाजिक-आर्थिक उपयोगिता है.

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