
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को दिग्गज समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव और मशहूर चिकित्सक दिलीप महालनाबिस को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया. लेखक सुधा मूर्ति, भौतिक विज्ञानी दीपक धर, उपन्यासकार एस.एल. भैरप्पा, छत्तीसगढ़ के डोमार सिंह कुंवर व अजय कुमार मंडावी और वैदिक विद्वान त्रिदंडी चिन्ना जे. स्वामीजी को भी यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.
दीपक धर सांख्यिकीय भौतिकी में अपने लंबे शोध करियर के लिए जाने जाते हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत सम्मान दिया गया. वह भारत के रक्षा मंत्री और लंबे समय तक सांसद भी रहे थे. वहीं, 1971 के बांग्लादेश युद्ध शरणार्थी शिविरों में सेवा करने के लिए अमेरिका से लौटे महालनाबिस को मरणोपरांत सम्मान दिया गया. उन्हें ‘ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन’ (ओआरएस) पर किए गए कार्य के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान मिली थी.
यादव के बेटे एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि महालनाबिस का पुरस्कार उनके भतीजे ने प्राप्त किया. फिल्म ‘आरआरआर’ के गीत ‘नाटू नाटू’ के लिए भारत का पहला आॅस्कर जीतने वाले संगीत निर्देशक एम.एम. कीरावानी और बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन को पद्मश्री दिया गया.
समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत अन्य अतिथि उपस्थित थे. राष्ट्रपति ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 106 पद्म पुरस्कार दिए जाने को मंजूरी दी थी. बुधवार को कुल 53 पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिनमें तीन पद्म विभूषण, पांच पद्म भूषण और 45 पद्म श्री शामिल रहे. अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को 22 मार्च को पद्म पुरस्कार दिए गए थे.



