नयी दिल्ली. लेखिका मधु किश्वर ने 2018 में कठुआ में हुए एक नाबालिग लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले पर आधारित अपनी नयी किताब का शुक्रवार को विमोचन किया और दावा किया कि इस पुस्तक में जम्मू में ‘‘ंिहदुओं को परेशान करने के लिए चलाए जा रहे कुटिल दुष्प्रचार अभियान’’ का पर्दाफाश किया गया है.
किताब ‘द गर्ल फ्रॉम कठुआ: ए सैक्रिफिशियल विक्टिम आॅफ गजवा-ए-ंिहद’ में दर्शाया गया है कि यह पूरा मामला ‘‘जम्मू प्रांत में कठुआ जिले की धार्मिक जनसांख्यिकी को बदलने के लिए एक कुटिल जिहादी साजिश के तहत गढ़ा गया था.’’ आठ साल की बच्ची का 10 जनवरी, 2018 को अपहरण किया गया था और एक गांव के मंदिर में चार दिन तक बेहोश करके उससे बलात्कार किया गया था.
एक विशेष अदालत ने 10 जून, 2019 को मामले में तीन लोगों को ‘‘अंतिम सांस तक’’ आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि तीन अन्य को पांच-पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई थी और उन पर पचास-पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था.
अदालत ने एक आरोपी को बरी कर दिया था और एक अन्य को नाबालिग करार दिया था, जिसे नवंबर 2022 में उच्चतम न्यायालय ने वयस्क घोषित कर दिया था.
किश्वर ने अपनी पुस्तक के विमोचन पर दावा किया कि इस मामले में कठुआ जिले के आठ ंिहदुओं को ‘‘फंसाया’’ गया.
उन्होंने कहा कि ‘‘जम्मू प्रांत के एक अज्ञात गांव की इस अज्ञात लड़की की हत्या के व्यापक प्रचार’’ ने उन्हें यह सवाल पूछने पर मजबूर किया कि लड़की के लिए न्याय का अभियान ‘‘(पूर्व मुख्यमंत्री) महबूबा मुफ्ती सरकार द्वारा आरोप पत्र जारी किए जाने के कुछ घंटों के भीतर ही न केवल भारत बल्कि दुनियाभर में यह बड़े पैमाने पर ध्यान खींचने वाला विवादित मामला कैसे बन गया.’’
उन्होंने कहा कि अप्रैल 2018 में व्यक्तिगत रूप से मामले की जांच करने पर, उन्होंने ‘‘विचित्र, बेतुके आरोप पत्र को त्रुटियों से भरा’’ पाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने झूठी गवाही देने के लिए सैकड़ों बेगुनाहों को प्रताड़ित किया था. पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में राज्यसभा की सदस्य सोनल मानंिसह और सेवानिवृत्त मेजर जनरल जी डी बख्शी भी शामिल हुए.