नासिक/अकोला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विपक्ष के कुछ नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि यह कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है. पवार ने रविवार को नासिक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था की स्थिति जैसे अधिक महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं, तो क्या देश में किसी की शैक्षणिक डिग्री राजनीतिक मुद्दा होनी चाहिए.’’
उन्होंने कहा, ‘‘धर्म और जाति के नाम पर मतभेद पैदा किए जा रहे हैं. महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद हो गई हैं. इन मुद्दों पर चर्चा की जरूरत है.’’ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने हाल ही में प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता का मुद्दा उठाया था और इस मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने मोदी की डिग्री पर आरटीआई (सूचना का अधिकार) याचिका के लिए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया था.
यह पहला उदाहरण नहीं है जब पवार के विचार सरकार को निशाना बनाने के मामले में विपक्षी गुट से भिन्न दिखाई दिए.
अडाणी समूह के स्वामित्व वाले एनडीटीवी के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में, पवार ने अंतरराष्ट्रीय शोध कंपनी हिंडनबर्ग की विश्वसनीयता और उद्देश्यों के बारे में सवाल उठाये.
पवार ने संसद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बहुमत को देखते हुए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग पर भी सवाल उठाया था. उन्होंने दावा किया कि अडाणी समूह को निशाना बनाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है.
डिग्री नहीं, काम की वजह से मोदी प्रधानमंत्री चुने गए : महाराष्ट्र के मंत्री
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश ने सोमवार को अकोला में कहा कि नरेन्द्र मोदी को उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि या डिग्री के कारण भारत का प्रधानमंत्री नहीं चुना गया, बल्कि उनके अच्छे काम के कारण चुना गया. गौरतलब है कि गुजरात उच्च न्यायालय ने 31 मार्च को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के सात साल पुराने उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें गुजरात विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री के बारे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल को जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था. उच्च न्यायालय ने इस मामले में आवेदक केजरीवाल पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था.
महाजन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘(राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख) शरद पवार ने इस मुद्दे पर अच्छा रुख अपनाया है. हमें किसानों आदि के बारे में बात करनी चाहिए. नरेन्द्र मोदी को उनकी डिग्री के आधार पर नहीं बल्कि उनके अच्छे काम के आधार पर चुना गया है.’’ रविवार को नासिक में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा था कि प्रधानमंत्री की डिग्री कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है.