वायनाड. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनसे सांसद का टैग छीन सकती है, आवास वापस ले सकती है और चाहे तो जेल में डाल सकती है, लेकिन उन्हें जनता का प्रतिनिधित्व करने एवं उसकी आवाज उठाने से नहीं रोक सकती.
लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद पहली बार वायनाड पहुंचे राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भाजपा के लोग इतने वर्षों में यह नहीं समझ सके कि उन्हें डराया और झुकाया नहीं जा सकता. राहुल गांधी के साथ इस एकदिवसीय वायनाड दौरे पर उनकी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा भी मौजूद थीं. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने यहां जनंसपर्क कार्यक्रम में हिस्सा लिया और फिर एक जनसभा को संबोधित किया.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘संसद का सदस्य होना सिर्फ एक टैग है, एक पद है. भाजपा टैग ले सकती है, पद ले सकती है, घर छीन सकती है, जेल में डाल सकती है, लेकिन मुझे वायनाड का प्रतिनिधित्व करने से नहीं रोक सकती.’’ उनका कहना था, ‘‘वायनाड और भारत के लोग ऐसे देश में रहना चाहते हैं जो स्वतंत्र हो, जहां उनके बच्चों को अपनी मर्जी के मुताबिक अध्ययन की स्वतंत्रता हो, जहां किसान अपने बेटे के इंजीनियर बनने की सपने देख सकता हो.’’
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैं भाजपा से कई वर्षों से मुकाबला कर रहा हूं, लेकिन हैरानी होती है कि वो अपने विरोधी को समझ नहीं पाए. वो नहीं समझ पाते कि उनका विरोधी धमकी में आने वाला नहीं है. वो सोचते हैं कि मेरे घर पर पुलिस भेजने से मैं डर जाऊंगा, घर छीन लेने से परेशान हो जाऊंगा. मैं खुश हूं कि उन्होंने घर ले लिया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि जब वायनाड में बाढ़ आती है तो बहुत सारे लोग घर खो देते हैं. मैंने आप लोगों से सीखा है. मेरा घर 100 बार छीनो, मुझे फर्क नहीं पड़ता. मैं वायनाड और भारत के लोगों के मुद्दे उठाता रहूंगा.’’ राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘भाजपा लोगों को बांटती है, लोगों को लड़ाती है, धमकाती है. मैं लोगों को जोड़ने का काम करता रहूंगा. मैं सभी धर्मों, समुदायों और विचारों को एकसाथ लेकर आऊंगा. आप (भाजपा) कितने भी निर्मम हो जाएं, लेकिन मैं आपके प्रति दयालु बना रहूंगा.’’ उनके मुताबिक, भाजपा एक नजरिये का प्रतिनिधित्व करती है, कांग्रेस दूसरे नजरिये का प्रतिनिधित्व करती है.
उनका कहना था, ‘‘आप मत सोचिए कि मेरा रिश्ता आप लोगों के साथ बदलने वाला है.’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैंने क्या किया? मैंने संसद में गौतम अडाणी का विषय उठाया. मैंने मीडिया की खबरों का उपयोग करके यह बताया कि अडाणी कैसे दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए….मैंने दिखाया कि कैसे इजरायल के साथ रक्षा संबंध बदला गया, कैसे विदेश नीति में बदलाव किया गया? मैंने पूछा कि आपका अडाणी से रिश्ता क्या है? प्रधानमंत्री ने जवाब नहीं दिया.’’ उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि सरकार ने संसद नहीं चलने दी.
राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘मंत्रियों ने सदन के भीतर मेरे बारे में झूठ बोला. जब किसी सदस्य के बारे में बात होती है तो उसको जवाब देने का मौका मिलना चाहिए. मैंने लोकसभा अध्यक्ष को दो पत्र लिखे और उनके कर्यालय जाकर पूछा कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि मेरे पास कोई विकल्प नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘संसद को बंद कर दिया गया, मुझे जवाब देने का मौका नहीं दिया गया. सरकार मेरे सवालों से असहज हो गई और मुझे संसद से निकलवा दिया. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने मुझे बहुत बड़ा उपहार दिया है.’’
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘वो मुझ पर जितना हमला करते हैं, मुझे और लगता है कि यही रास्ता है जिस पर मुझे चलना है. मैं रुकने वाला नहीं हूं. इसका कारण यहां के लोगों और देश के लोगों के साथ मेरा रिश्ता है.’’ प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूरी सरकार राहुल गांधी पर बेरहमी से हमला करती है क्योंकि वह सवाल पूछते हैं और लोगों की आवाज उठाते हैं. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राहुल गांधी सत्य के लिए लड़ रहे हैं और लोगों की आवाज उठा रहे हैं इसलिए उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराया गया है.
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के कुछ नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने एक व्यक्ति का मुद्दा उठाया और उसे जनता का मुद्दा बताया है. मुझे लगता है कि सरकार एक व्यक्ति को बचाने के लिए सब कुछ कर रही है. इस व्यक्ति का नाम गौतम अडाणी है. ’’ प्रियंका गांधी ने दावा किया, ‘‘आज सरकार को लगता है कि वह किसी की आवाज बंद कर सकती है, हवाई अड्डे और बंदरगाहों को बेच सकती है…पूरी सरकार एक ऐसे व्यक्ति का बचाव कर रही है जिसने उनकी मदद से लाखों करोड़ रुपये कमाए, लेकिन किसान की मदद नहीं की जा रही जो प्रतिदिन 27 रुपये कमाता है.’’
उनका कहना था, ‘‘सरकार का मानना है कि वह भारत की मालिक है, लेकिन असल में भारत आप सभी लोगों का है.’’ प्रियंका गांधी ने कहा कि जब संस्थाएं सरकार की जांच-परख को लेकर विफल रही हैं तो देश के लोगों की जिम्मेदारी है कि वो जांच-परख करें. उन्होंने कहा, ‘‘हम सवाल पूछते रहे हैं, जवाबदेही की मांग करते रहेंगे, उन्होंने राहुल गांधी को अयोग्य ठहरा दिया तो आप लोग बड़ी संख्या में उनके समर्थन में उतरे हैं.’’
वायनाड में राहुल गांधी का जोरदार स्वागत
केरल के इस सीमावर्ती जिले के कलपेट्टा में मंगलवार को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के स्वागत के लिए संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग जुटे. राहुल गांधी लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किये जाने के बाद अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ यहां पहुंचे थे.
यहां कालपेट्टा में यूडीएफ के सैकड़ों कार्यकर्ता भारतीय ध्वज लिए ‘सत्यमेव जयते’ नामक रोडशो के लिए कतार में खड़े थे. वहीं जब गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा और केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक ट्रक पर जनसभा स्थल की ओर जा रहे थे तब गांधी के स्वागत के लिए हर आयु वर्ग के लोग सड़क किनारे जमा हो गए थे.
गांधी एक हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे और फिर एक ट्रक में कार्यक्रम स्थल तक गए. हालांकि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते ट्रक को बहुत धीमी गति से आगे बढ़ना पड़ा. इस दौरान मौजूद लोगों के हाथों में राहुल गांधी की तस्वीर वाली तख्तियां थीं. ये सभी लोग राहुल गांधी के प्रति अपना समर्थन प्रर्दिशत करने के लिए आए थे. जनसभा स्थल पर भी राहुल गांधी का भाषण सुनने के लिए काफी संख्या में लोग जमा थे.