देश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई : मोदी

भोपाल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आधुनिक और विकसित भारत की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लागू की गई है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह नीति बच्चों के समग्र विकास, ज्ञान, कौशल, संस्कृति और भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर देती है.

प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश में नवनियुक्त शिक्षकों की ओर से आयोजित कार्यक्रम को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित हुए कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने आधुनिक और विकसित भारत की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू की है.’’ उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान करने का अभियान तेज गति से चल रहा है, जहां विभिन्न जिलों में रोजगार मेले आयोजित कर हजारों युवाओं की विभिन्न पदों पर भर्ती की गयी है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि शिक्षकों के पद के लिए 22,400 से अधिक युवाओं की भर्ती की जा चुकी है. प्रधानमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को शिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में शामिल होने के लिए बधाई दी. एनईपी के प्रभावी कार्यान्वयन में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती अभियान इस दिशा में एक बड़ा कदम है.

मोदी ने यह भी बताया कि आज नियुक्त लगभग आधे शिक्षकों को आदिवासी क्षेत्रों में नियुक्त किया जाएगा जिससे बच्चों को लाभ होगा. प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष एक लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती करने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें 60 हजार शिक्षकों की भर्ती शामिल हैं. इसके परिणामस्वरूप राज्य ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में शिक्षा की गुणवत्ता में एक बड़ी छलांग लगाई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य विज्ञापन पर खर्च किए बिना 17वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंच गया है. प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और राज्य सरकार को बधाई दी. महत्वाकांक्षी कौशल विकास कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए देश भर में कौशल विकास केंद्र खोले गए हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस वर्ष के बजट में 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर खोले जाएंगे, जहां युवा न्यू एज टेक्नोलॉजी के माध्­यम से प्रशिक्षित किए जाएंगे और पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्­यम से छोटे-छोटे कारीगरों को प्रशिक्षण देने तथा उन्हें एमएसएमई के साथ जोड़ने की पहल की गई है.’’ आज नियुक्त हुए हजारों शिक्षकों की ओर निर्देशित करते हुए उनसे कहा कि वे अपने हृदय में विद्यार्थियों के लिए उसी तरह की जगह बनाए जिस तरह हमारे जीवन में एक मां या एक शिक्षक प्रभाव डालते हैं.

मोदी ने कहा, “आपको हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि आपकी शिक्षा न केवल वर्तमान को बल्कि देश के भविष्य को भी आकार देगी.” प्रधानमंत्री ने कहा कि आप के द्वारा विकसित किए गए मूल्य न केवल आज की पीढ़ी पर बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर भी सार्थक प्रभाव डालेंगे.

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