प्रयागराज. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बृहस्पतिवार को उमेश पाल हत्याकांड में नामजद आरोपी तथा माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की. जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने यहां जनपद न्यायालय परिसर में संवाददाताओं को बताया कि उमेश पाल की हत्या के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) दिनेश गौतम की अदालत ने अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 167 के तहत अतीक अहमद और अशरफ की 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक पुलिस रिमांड स्वीकृत की.
उन्होंने बताया कि इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 26 अप्रैल निर्धारित की गयी है. उन्होंने बताया कि अपराध संख्या 114/23 से संबंधित विवेचक द्वारा प्रार्थना पत्र देकर अभियुक्त अतीक और अशरफ को 14 दिन की पुलिस रिमांड में देने का अनुरोध किया गया. अधिवक्ता ने बताया कि इस पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 13 अप्रैल से 17 अप्रैल को शाम पांच बजे तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश पारित किया.
अग्रहरि ने बताया कि आदेश में यह भी कहा गया है कि पुलिस हिरासत में लेने से पूर्व दोनों अभियुक्तों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए और अभियुक्त चाहें तो अपने अधिवक्ता को अपने साथ रख सकते हैं, लेकिन अधिवक्ता 100 मीटर दूरी से ही कार्रवाई को देख सकेंगे. उन्होंने बताया कि पुलिस कस्टडी की अवधि पूरी होने के बाद अतीक अहमद को साबरमती जेल के लिए और अशरफ को बरेली जेल भेजना सुनिश्चित किया जाएगा.
बृहस्पतिवार को भारी सुरक्षा के बीच अतीक अहमद और अशरफ को नैनी स्थित केंद्रीय कारागार से जनपद न्यायालय लाया गया. इस दौरान, अदालत परिसर में वकीलों ने अतीक और अशरफ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपशब्द कहे. अदालत कक्ष में मौजूद एक अधिवक्ता ने बताया कि झांसी में अतीक के बेटे असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत की खबर फैलते ही अतीक और अशरफ गमगीन नजर आए.
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने बृहस्पतिवार को झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके एक साथी गुलाम को मुठभेड़ में मार गिराया. उमेश पाल हत्याकांड में असद और गुलाम नामजद आरोपी थे. वर्ष 2005 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो सुरक्षा गार्ड की इस साल 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
उमेश की पत्नी जया पाल की तहरीर पर 25 फरवरी को अतीक, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, असद सहित दो बेटों, शूटर गुड्डू मुस्लिम एवं गुलाम तथा नौ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
अतीक ने कथित तौर पर आईएसआई से संबंध होने की बात कबूली
माफिया अतीक अहमद ने उमेश पाल हत्याकांड मामले में विवेचक को दिए बयान में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध होने की बात कबूली है. अतीक ने बुधवार को विवेचक को दिए बयान में कहा, मेरे पास हथियारों की कोई कमी नहीं है क्योंकि मेरे सीधे संबंध पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से हैं.
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब की सीमा में हथियार गिराए जाते हैं जिनको लोकल कनेक्शन इकट्ठा कर लेता है और उन्हीं खेपों से जम्मू कश्मीर के दहशतगर्दों को भी हथियार मिलते हैं. विवेचक द्वारा अतीक और अशरफ की पुलिस रिमांड के लिए अदालत में पेश रिमांड प्रपत्र में अतीक के बयान का हवाला देते हुए बताया गया कि अतीक को यदि ले जाएं तो वह घटना में प्रयुक्त असलहों और कारतूसों को बरामद करा सकता है.
अतीक के भाई अशरफ द्वारा बृहस्पतिवार को पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक, असलहे और कारतूस जिस जगह पर रखे हैं, उस जगह को यहां से बताना मुमकिन नहीं है. कुछ जगहों को मैं जानता हूं और कुछ जगहों को भाईजान अतीक जानते हैं. अशरफ ने अपने बयान में कहा, ‘‘जिन ठिकानों पर हथियार रखे जाते हैं और वहां जो आदमी रहता है, वह सब स्थान हमें और भाईजान को मालूम है. लेकिन वह जगह खेतों में बने फार्म हाउस जैसे हैं वहां चलकर ही पता बताया जाना मुमकिन है. जेल में रहकर वहां का पता बताना मुमकिन नहीं है.’’
उसने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि उमेश पाल की हत्या में प्रयुक्त सारे हथियार घटना के बाद वापस जगह पर पहुंचा दिए गए, केवल 45 बोर की पिस्टल वापस नहीं पहुंच सकी क्योंकि घटना के बाद लड़के शहर छोड़ने की जल्दबाजी में थे और उस पिस्टल को करेली थाना क्षेत्र के मलिन बस्ती में कल्लू नामक व्यक्ति के घर पर रख दिया गया.